Kashi ka News. गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 52 गांवों में रजिस्ट्री और म्यूटेशन पर तत्काल रोक।

 गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए 52 गांवों में रजिस्ट्री और म्यूटेशन पर तत्काल रोक।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। शहर की दो सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं, गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा लिंक (कनेक्टर) एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने दोनों परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले 52 गांवों की जमीनों की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री, दान-पत्र, सट्टा इकरारनामा और भूमि उपयोग परिवर्तन (म्यूटेशन) पर अगले आदेश तक पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा प्रस्तावित दोनों कॉरिडोर परियोजनाओं के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सुचारू और विवादमुक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। 

जिला प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम-1956 की धारा 3(ए) के तहत दोनों परियोजनाओं के लिए अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में जमीनों के हस्तांतरण या भूमि की प्रकृति में बदलाव से अधिग्रहण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी। इसी आशंका को देखते हुए यह प्रतिबंध लगाया गया। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर-कुल लंबाई: 21.153 किलोमीटर के दायरे में रमना, डोमरी, सीरगोवर्धनपुर, छित्तुपुर, भगवानपुर, सुजाबाद, नगवा, नरिया, किला कोहना, कोदईपुर, रामनगर, वाजिदपुर समेत कुल 41 गांव शामिल हैं। वहीं वरुणा लिंक कॉरिडोर कुल लंबाई 18,100 किलोमीटर के दायरे मे हुकुलगंज, शहरखास, पहाड़िया, भरथरा, पिस्तौर, दानियालपुर, छितौनी, कोटवा, महुआडीह, सरैयाकाजी और लुत्फुल्लाहपुर समेत 11 गांव प्रभावित हैं। 

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित उप-निबंधकों और राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अधिसूचित गांवों की गाटावार भूमि पर किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय, दान-पत्र, इकरारनामा या धारा-80 के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति न दी जाए।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाएं वाराणसी की ट्रैफिक व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव ला सकती हैं। ऐसे में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और विवादरहित बनाए रखने के लिए प्रशासन का यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।