"मडये की हरदी" भोजपुरी गीत संग्रह का हुआ भव्य लोकार्पण
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) द्वारा संस्था की संस्थापक स्मृति शेष चंद्रावती नरेश जयंती के पर आयोजित कवि इंजी0 राम नरेश "नरेश" की पुस्तक भोजपुरी गीत संग्रह "मड़ये की हरदी" का लोकार्पण एवं भव्य सम्मान समारोह, चंद्रा साहित्य परिषद कार्यालय प्रांगण, इंदिरा नगर, चितईपुर मे धूमधाम से मनाया गया।
मुख्य अतिथि प्रख्यात साहित्यकार डॉ राम सुधार सिंह, विशिष्ट अतिथि द्वय डॉ अशोक कुमार सिंह, डॉ अत्रि भारद्वाज तथा अध्यक्षता कर रहे डॉ श्रद्धानंद द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत माँ सरस्वती और स्मृतिशेष चंद्रावती नरेश के चित्र पर पुष्पार्पण के बाद सुप्रसिद्ध कत्थक कलाकार संदीप मौर्या के सरस्वती वंदना से शुभारंभ हुआ। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजी0 राम नरेश "नरेश" द्वारा सभी अतिथियों को माल्यार्पण, पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्रम् व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया। अतिथियों ने समीक्षात्मक व्याख्यान में कहा कि जहाँ लोकभाषा, संस्कृति व भोजपुरी गीत परम्परा को आगे बढ़ाने में कवि इंजी0 राम नरेश द्वारा लिखीत "मडये की हरदी" जीवन के हर सुख-दु:ख में मनुष्य को संघर्षमय जीवन के साथ हंसकर जीने की शैली सिखाता है।
इस ऐतिहासिक पल को अविस्मरणीय बताते हुए सभी वक्ताओं ने इस गीत संग्रह को भोजपुरी जगत की अनुपम कृति बताया जो कवि नरेश को भोजपुरी साहित्य के लिए अमरत्व प्रदान करेगी। डॉ महेंद्र नाथ तिवारी अलंकार एवं नाथ सोनांचली के संचालन में 70 रचनाकारों को अंगवस्त्रम, स्मृति चिंह व महापुरुषों के चित्र देकर 'चंद्रा साहित्य गौरव', व 'साहित्यिक पुरोधा' सम्मान से अलंकृत किया गया। पुस्तक लोकार्पण में काशी एवं पूर्वांचल से बड़ी संख्या में ख्यातिलब्ध कवि, कवयत्री, पत्रकार आदि उपस्थित रहे।


