Kashi ka News इतिहास की महत्ता हर दौर में है प्रासंगिक-प्रो० रजनीश कुंवर

इतिहास की महत्ता हर दौर में है प्रासंगिक-प्रो० रजनीश कुंवर

ब्यूरो चीफ आनन्द सिंह अन्ना
वाराणसी । दिनांक 19 नवंबर, इतिहास की महत्ता हर दौर में प्रासंगिक है। कभी इसमें परिवर्तन नहीं होता। धर्म के हिसाब से इतिहास की अलग-अलग व्याख्या जरूर होती है लेकिन इनका बदलता स्वरूप सभी को प्रभावित करता है। उक्त बातें हरिश्चंद्र पी०जी० कॉलेज के प्राचार्य प्रो० रजनीश कुंवर ने कही। प्रो० कुंवर रविवार को उत्तर प्रदेश इतिहास कांग्रेस के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन सत्र मे वक्तव्य दे रहे थे।
उन्होंने कहा समय की प्रत्येक समाज में अलग व्याख्या है।आधुनिक युग में सामयिक वृतांत की अलग व्याख्या है। प्राचीन कथाओं में ऐतिहासिक इतिहास के दृश्य में निरंतर बदलाव होते रहते हैं।
अधिवेशन के समापन सत्र की अध्यक्षता प्रो० इशरत आलम ने किया।
उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय अधिवेशन में कुल 275 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए एवं सर्वसम्मति से पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी का गठन किया गया। जिसमें अध्यक्ष प्रो० अनिरुद्ध पांडेय, उपाध्यक्ष अतुल कुमार सिन्हा, प्रो० इशरत आलम, सचिव प्रो० विजय बहादुर सिंह यादव, सहसचिव डॉ रामविलास भारती, प्रो० रेणु शुक्ला, प्रो० विश्वनाथ वर्मा सहित नई कार्यकारिणी के सदस्यों का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया।
अधिवेशन में आए लोगो का स्वागत एवं धन्यवाद प्रो० विश्वनाथ वर्मा ने किया व संचालन प्रो०विजय बहादुर सिंह यादव ने किया।
अधिवेशन में मुख्य रूप से प्रो० एस. एन.आर.रिजवी, प्रो० हर्ष कुमार, प्रो० अनीता प्रकाश, प्रो० दुष्यंत सिंह, डॉ सरला सिंह, प्रो० अशोक कुमार सिंह, डॉ शिवानंद यादव, डॉ राम आशीष यादव, प्रो० रागिनी श्रीवास्तव, शिवांगी चौबे, प्रीति वर्मा, संदीप शशांक वर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।