Kashi ka News काशी अविमुक्त क्षेत्र में मांस की बिक्री एवं बूचड़खानों को बंद किया जाने हेतु श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास का संकल्प

काशी अविमुक्त क्षेत्र में मांस की बिक्री एवं बूचड़खानों को बंद किया जाने हेतु श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास का संकल्प।

ब्यूरो चीफ आनन्द सिंह अन्ना
वाराणसी। दिंनांक 19 नवंबर, श्री आदिमहादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास की वार्षिक योजना बैठक विचार संवाद कार्यक्रम कैंट स्थित द्वारका पैलेस में संपन्न हुआ। इस योजना बैठक "विचार संवाद" के अंतर्गत कई प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर के चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व की एकमात्र सनातन सांस्कृतिक नगरी काशी अपनी मूल धार्मिक सांस्कृतिक पहचान हेतु प्रयासरत है। काशी में श्री आदिविश्वेश्वर मंदिर ही नहीं सैकड़ो और भी प्रमुख देवालयों का मुगल आक्रांताओं ने ध्वस्त किया है। यह पंचकोशी की सीमा जो आदिविशेश्वर का अविमुक्त क्षेत्र माना गया है। इसका उल्लेख हमारे सभी धर्म ग्रंथो, पुराणों, उपनिषदों में मिलता है। वर्तमान में इस पंचकोशी सीमा के अंदर की पवित्र भूमि को विधर्मियों द्वारा पूरी तरह से अपवित्र करने, नष्ट-भ्रष्ट करने का कार्य विगत कई सदियों से अनवरत किया जा रहा हैं पूरा शहर, गलियों, गांव की सड़कों पर मांस-मछली की दुकान देखने को मिल जाएंगे।
उन्होंने अपने उद्बोधन में बताया कि पंचकोशी सीमा के अंदर जगह-जगह अवैध कब्रों, मजारों, मस्जिदों का निर्माण स्पष्ट दिखाई देता है। वैध-अवैध रूप से चलने वाले बूच़डखानों, कत्लखानों ने शहर और गांव में लोगों का जीना दूभर कर दिया है। इन बिंदुओं पर न्यास गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए निर्णय लिया कि अब जैसे भी हो संवैधानिक तरीके से भगवान आदिविशेश्वर का अवमुक्त क्षेत्र पंचकोशी सीमा के अंदर की पवित्रता को पुन बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए न्यास द्वारा उत्तर प्रदेश तथा भारत सरकार को ज्ञापन देने, न्यायालय में वाद दाखिल करने तथा सामाजिक जन-जागरण हेतु प्रयास किया जाएगा।उन्होंने ऐसे सभी कानूनी कार्यों के लिए लीगल सेल को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
योजना बैठक का संचालन करते हुए न्यास के राष्ट्रीय महासचिव राजेश भाटिया ने बताया कि वर्तमान समस्याओं को देखते हुए न्यास का विस्तार किया जाएगा तथा काशी को चार भागों (पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी मंडल) में विभाजित कर नई समिति का गठन तथा सक्रिय एवं युवा टीम को भी जोड़ा जाएगा, इसके लिए प्रत्येक मोहल्ला, गांव में जन जागरण अभियान चलाया जाएगा। धार्मिक जनजागरण हेतु प्रत्येक माह धर्माचार्यों तथा धार्मिक विषय विशेषज्ञो के साथ बैठक कर हिंदू धर्मावलंबियों में धर्म के प्रति नई उर्जा का संचार किए जाने का प्रयास किया जायेगा तथा समसामयिक विषयों पर धरना, प्रदर्शन, जुलूस, हवन, पूजन, उपवास आदि माध्यमों से हिंदू जनमानस को धर्म से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा।
लीगल सेल की समिति के वरिष्ठ अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी, महेश पांडेय तथा सुनील मिश्रा ने भी न्यास के माध्यम से सभी वैधानिक कानूनी कार्यवाहियों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा आश्वस्त किया कि काशी में धर्मालयो के मूल प्राचीन स्वरूप में लाने हेतु कानूनी लड़ाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित वित्त व्यवस्थापक प्रशांत अग्रवाल ने न्यास को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने पर अपने विचार व्यक्त किया।
न्यास के सदस्यता प्रभारी विष्णु माया गुप्ता ने बताया कि न्यास से युवा पीढ़ी को जोड़ने की आवश्यकता है जन जागरण अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को न्यास की विभिन्न समिति से जोड़ा जाएगा जिससे न्यास के कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। कार्यक्रम के आरंभ में न्यास के प्रबंध ट्रस्टी एवं संयोजक डॉ राम प्रसाद सिंह ने योजना बैठक में उपस्थित सभी प्रमुख पदाधिकारी का परिचय कराया तथा न्यास के गठन, उद्देश्यों एवं कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष संजीव चंद्र त्रिपाठी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी केंद्रीय पदाधिकारी तथा स्थानीय पदाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस बैठक की संपूर्ण व्यवस्था कर रहे विष्णु माया के प्रति विशेष कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए सभी को धन्यवाद दिया। 
आंदोलन में सामाजिक जागरण हेतु अग्रणी एवं महत्वपूर्ण सहयोग के लिए योजना बैठक में उपस्थिति मीडिया एवं न्यूज़ चैनल के सभी प्रतिनिधियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
बैठक में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज मद्धेशिया, राष्ट्रीय समन्वयक अरविंद रस्तोगी, लालबाबू जायसवाल, न्यास के कोषाध्यक्ष सुनील अग्रवाल, महासचिव अनुराग त्रिवेदी, अजय पांडेय, बांकेलाल, अध्यक्ष श्री आर के अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता महेश पांडे, दीपक सिंह, पवन पाठक, सत्य प्रकाश आर्य, विनोद यादव, मोनू गुप्ता, आशीष गुप्ता, राजकुमार पटेल, आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।