Kashi ka News. चुनौती देकर नहीं आने वाले गोविंदानंद को दुसरी बार पराजित घोषित किया गया।

चुनौती देकर नहीं आने वाले गोविंदानंद को दुसरी बार पराजित घोषित किया गया।

ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। दिनांक 17 जून, गोविंदानंद सरस्वती स्वामी ने जगतगुरु शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम हिमालय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज को मठाम्नायसेतु महानुशासनम् के अनुसार अयोग्य बताते हुए उनका समर्थन करने वाले काशी के विद्वानों को मठाम्नायसेतु महानुशासनम् पर शास्त्रार्थ करने के लिए चुनौती दी थी। गोविंदानंद सरस्वती की चुनौती को स्वीकार करते हुए डॉ पी एन मिश्र ‘मंडन मार्तंड” ने शास्त्रार्थ के लिए उन्हें तीन विकल्प दिया था। प्रथम विकल्प के अनुसार गोविंदानंद सरस्वती स्वामी को मिश्र जी से वाराणसी में शास्त्रार्थ करना था। परंतु गोविंदानंद सरस्वती द्वारा वाराणसी से प्रव्रजन कर जाने के कारण नामित निर्णायिका द्वारा कल गोविंदानंद सरस्वती स्वामी को पराजित और डॉ पी एन मिश्र ‘मंडन मार्तंड” को विजयी घोषित दिया गया था।

ज्ञात हो मिश्र जी द्वारा पूर्व में दी गई शर्त के अनुसार दिनांक 15.06.2024 को गोविंदानंद सरस्वती स्वामी को मेरे शंकर मठ हावड़ा में उपस्थित होकर मिश्र से शास्त्रार्थ करना था परंतु दिनभर की प्रतीक्षा के बाद भी गोविंदानंद सरस्वती यहाँ नहीं आए। आज भी मैंने और मिश्र जी ने गोविंदानंद सरस्वती स्वामी की शंकर मठ में प्रतीक्षा की परंतु वह आज भी नहीं उपस्थित हुए। ऐसी स्थिति में मैं निर्णायक डॉ स्वामी प्रज्ञानानंद सरस्वती स्वामी गोविंदानंद सरस्वती को पराजित और डॉ पी एन मिश्र को विजेता घोषित करता हूँ।

गोविंदानंद सरस्वती स्वामी को शास्त्रार्थ का तीसरा अवसर महाशक्तिपीठ अँजोराधाम,भदोही में दिनांक 18 जुलाई 2024 को मिश्र जी ने दिया है जिसमें निर्णायक आचार्य किशोर कुणाल पूर्व कुलपति कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय दरभंगा बिहार, पूर्व प्रशासक सह कार्य पदाधिकारी एवं पूर्व अध्यक्ष बिहार राज्य धार्मिक न्यास पार्षद पटना, श्री महावीर मंदिर पटना के संचालक न्यास के सचिव तथा पूर्व आ.ई.जी.सी.आई.एस.एफ. होंगे। उस दिन भी शास्त्रार्थ हेतु उक्त स्थल पर नही आने पर निर्णायक कुणाल, गोविंदानंद सरस्वती को तीसरी बार पराजित घोषित कर देंगे।