पीएम मोदी के क्षेत्र में पीड़िता विधवा भूमाफियाओं की दबंगई से परेशान।
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। दिनांक 18 जून, विदित हो कि एक तरफ पीएम नरेंद्र मोदी एवं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराधियों एवं भूमाफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं वही दूसरी तरफ वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के दरेखू में भू माफिया की सक्रियता देखने को मिल रहा हैं।
बताते चले कि विगत दिनों पूर्व गीता दुबे पत्नी स्वर्गीय विपिन चंद्र दुबे के द्वारा भू माफिया राजीव रंजन मिश्रा पुत्र रामनरेश मिश्रा, दीपांशु मिश्रा पुत्र राजीव रंजन मिश्रा, रागिनी मिश्रा पत्नी राजीव रंजन मिश्रा, भू माफिया धनंजय दीक्षित, पिंटू पांडे, धर्मेंद्र सिंह उर्फ डीके, विक्रेन पटेल उर्फ गोलू के खिलाफ डीसीपी वरुणा जोन के यहां शिकायत दर्ज कराई गई थी कि विपक्षीगण द्वारा डराया व धमकाया जा रहा है एवं ये सभी भू माफिया मनबढ़ किस्म के व्यक्ति हैं एवं प्रार्थिनी के बच्चों को जान से मारने की धमकियां देने एवं रंगदारी में 50 लाख रुपए एवं पति के नाम की जमीन अपने नाम जबरिया विक्रय करने का दबाव दे रहे हैं, जिससे प्रार्थीनी डरी हुई है और विपक्षीगण प्रार्थिनी के पति की सारी जमीन का कूटरचित दस्तावेज लिखवाकर उन्हें अनेक प्रकार की प्रताड़ना गाली-गलौज करना मारना-पीटना एवं धमकियां देना और दो करोड़ रुपए की जमीन के वापसी के नाम पर रंगदारी मांगना इत्यादि साजिश रचकर विपक्षियों के द्वारा बार-बार परेशान किया जाता रहा है।
आश्चर्य की बात यह है कि इन भू माफियाओं के साथ स्थानीय पुलिस की शह पर विपक्षीगण ने दो एफ आई आर राकेश सिंह एवं किसानों के खिलाफ कराया गया जिसका विरोध करते हुए इन लोगों ने पुलिस आयुक्त वाराणसी से मुलाकात किया एवं इन सभी प्रकरण की जांच पुलिस आयुक्त द्वारा करने का आश्वासन दिया गया एवं इस जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी न हो इसका भी आश्वासन दिया गया। अब देखना होगा कि एक तरफ वाराणसी में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ वाराणसी में किसान सम्मन निधि का किसानों को वितरण करेंगे परंतु इन किसानों के साथ किस तरीके से न्याय होगा एवं भूमाफियाओं पर किस प्रकार कार्रवाई होगी यह भी प्रशासन के सामने एक चुनौती है।
