साहित्यों ने चरित्रों को गढ़ा और चरित्र ने साहित्यों को गढ़ा- स्वामी ओमा द अक्
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। दिनांक 21 अगस्त, कहते है की साहित्य समाज का दर्पण है, यदि यह सत्य है तो हमको साहित्य की खिड़की से झाँक कर एक बार अपने समाज को अवश्य देखना चाहिए और जानना चाहिए इसमे बदलते चरित्रों जो सामाज की दिशा तय करने मे अपना महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। साहित्य ने चरित्रों को गढ़ा और चरित्र ने साहित्य को ये दोनों एक दूसरे के पूरक रहे है। विगत काल मे साहित्य ने अपनी यात्रा अलग-अलग स्तरों पर की है मगर ध्यान देने वाली बात ये है कि साहित्य मे पात्रों का चरित्र निरंतर गिर रहा है तो हम इसे समाज का चारित्रिक पतन कहेंगे या साहित्य का क्यूँ कि साहित्य समाज का दर्पण है। उपरोक्त विचार अक् संस्था के संस्थापक स्वामी ओमा द अक् ने "साहित्य और चरित्र" नामक कार्यक्रम में व्यक्त किए।
उक्त कार्यक्रम में देश दुनिया में चरित्र निर्माण की अलख जगाने वाला कैरेक्टर-ट्री सम्मान हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदान किया गया। इस वर्ष जिन विभूतियों को इस सम्मान से काशी की भूमि पर सम्मानित किया गया उनके नाम और क्षेत्र इस प्रकार है, पद्मश्री कुमार सानू (सुविख्यात गायक कलाकार) क्षेत्र: गायन, बोनी कपूर (विख्यात फिल्म निर्माता) क्षेत्र चित्रपट कला, ओम निश्चल (गीतकार, कवि एवं समीक्षक) क्षेत्र : साहित्य, संकेत उपाध्याय (सुविख्यात पत्रकार) क्षेत्र: पत्रकारिता, आई टी एम विश्वविद्यालय (ग्वालियर एवं बड़ौदा) क्षेत्र : शिक्षा, आरुषि निशंक (फिल्म निर्माता, अभिनेत्री एवं कथक कलाकार) क्षेत्र नारी शक्ति, तृषा डे नियोगी (निदेशिका, नियोगी बुक्स) क्षेत्र: प्रकाशन, प्रमोद खानविलकर (व्यवसाय) क्षेत्र : व्यवसाय, राहिल राजा (फैशन स्टाइलिस्ट) क्षेत्र : फैशन, मीना सिंह (समाज सेवी) क्षेत्र : समाजसेवा, आशिष गुप्ता (शिक्षक) क्षेत्र: एके सहयोगी, अमितमित्र (व्यवसायी) क्षेत्र: अक सहयोगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उदय प्रताप सिंह ने कहा कि साहित्य ने जीवन के मूल्यों को स्थापित करते हुए हमेशा सही राह दिखाई है। हमारे देश मे साहित्य को धर्मग्रंथ बनाने की शक्ति है। कार्यक्रम मे ओमा द अक् द्वारा रचित "महंगी कविता" पुस्तक एवं "सांवला लड़का" म्यूजिक विडिओ का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम मे स्वागत भाषण डॉ रति शंकर त्रिपाठी ने और धन्यवाद भाषण आनंद सिंह ने दिया।
कार्यक्रम मे मुख्य रूप से अर्चना दीक्षित, आनंद मोहन सिंह, बाबा माधोक, सुमन पाठक, नजमी सुल्तान, राजेश्वर आचार्य, विश्वनाथ पांडे, साक़ीब भारत और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन हितेश अक् का रहा।
