भाजपा सरकार के विरुद्ध कांग्रेसजनों का प्रदर्शन,अपर आयुक्त को सौंपा पत्रक।
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। दिनांक 19 सितम्बर, आज शास्त्री घाट से कांग्रेस पार्टी द्वारा पैदल मार्च करते हुए जिला मुख्यालय कूच करते हुए बड़ी संख्या में पहुंचे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हुंकार भरते हुए भाजपा सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया व अपर आयुक्त को पत्रक सौंपा।
कार्यक्रम का संयोजन जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल व महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने किया।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जान से मारने की धमकी सुनकर अब चुप रहना नामुमकिन है, यह वक़्त है इन जनवरोधी लोगो का डटकर सामना करने का इनसे सावधान रहना है, इनका इतिहास बहुत घृणित है। यह वही दरिंदे हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या करवाई थी।यह वही हैं जो हर साल महात्मा गांधी का पुतला बनाकर उन पर गोली चलाते हैं। यह वही हैं जो पूरे देश में नफ़रत की आग लगाने की कोशिश में दिन-रात लगे है, और कमाल तो यह कि ऐसे हैवानों को नरेन्द्र मोदी मूकसहमति प्राप्त है। याद रखियेगा, राहुल गांधी के ख़िलाफ़ भाजपाई गुर्गे ऐसे ही नहीं बोल रहे, यह कायर लोग डरे हुए हैं, क्योंकि राहुल गांधी ने इनके असली चेहरे बेनक़ाब कर दिये हैं। राहुल गांधी इनकी जनविरोधी हरकतों के सामने चट्टान बन कर खड़े हैं। राहुल गांधी ने इनके सियासी मंसूबों पर पानी फेर दिया है। एक बात और याद रखना कायरो राहुल गांधी को तुम जैसे तिलचट्टों से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता। वो शेर सा जिगर रखते है, कभी हिम्मत पड़े तो सामने आ जाना और आज़मा कर देख लेना। लेकिन तुम्हारी इन धमकियों पर यह देश चुप नहीं बैठेगा, मूकदर्शक नहीं रहेगा। नरेंद्र मोदी जी अब बहुत हो गया, अपने पालतू जानवरों को क़ाबू में रखिए।इस देश में नफ़रत के खेल को हम क़तई नहीं चलने देंगे मुंहतोड़ जवाब देंगे। पिछले 7 साल से सत्ता में काबिज योगी आदित्यनाथ हमेशा जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं। आत्ममुग्ध होकर खुद ही हर मंच से कानून व्यवस्था पर अपनी तारीफ करते नज़र आते रहते हैं मगर सच्चाई इसके विपरीत है। सच यह है कि एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक 258.1 (प्रति लाख) की काइम रेट के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में जुर्म की राजधानी बन चुका है। पूरे भारत में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में 25 प्रतिशत अपराध अकेले उत्तर प्रदेश में होते हैं।हत्या, महिलाओं का अपहरण, गैंगरेप, दहेज हत्या के मामलों में उत्तर प्रदेश पूरे भारत में नंबर एक पर है।झांसी में चलती हुई गाड़ी में हुए बलात्कार का मामला हो, जनपद जौनपुर में मंगेश यादव के फर्जी एनकाउंटर का मामला हो, जनपद रायबरेली में अर्जुन पासी की हत्या का मामला हो या अभी हाल ही में 11 सितंबर को जनपद कानपुर में सिर काटकर महिला की हत्या का मामला हो। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। योगी के शासनकाल में उ०प्र० जंगल राज में तब्दील हो गया है, कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं है। योगी खुद को संत कहते हैं और सनातन का ध्वजवाहक बताते हैं, पर शायद वो भूल गए हैं कि सनातन में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है। दुर्भाग्य ये है कि उनके शासनकाल में सबसे ज्यादा असुरक्षित महिलाएं ही हैं, सबसे ज्यादा अपराध महिलाओं के खिलाफ हो रहे हैं। सच तो ये है कि योगीराज में उत्तर प्रदेश में अपराधी निरंकुश हैं, पुलिस बेअंदाज हैं, अधिकारी बेलगाम हैं और मंत्री असहाय हैं। मुख्यमंत्री सदन में ठोक डालो, मिट्टी में मिला देंगे जैसी स्तरहीन भाषा का प्रयोग कर प्रदेश के एक समुदाय में डर पैदा करते हैं और अपनी पुलिस को एक तरफा कार्यवाही की छूट देते हैं। शायद वह यह भूल जाते हैं कि हमें कानून का राज स्थापित करना है ना कि पुलिस का। मगर लोकतंत्र में भरोसा न रखने वाले मुख्यमंत्री को पुलिस राज पसंद है, क्योंकि इसके जरिए वो विपक्षी दलों के नेताओं पर एक तरफा कार्यवाही कर उन्हें प्रताड़ित कर डरा सकते हैं। केंद्र व प्रदेश की सरकार जनविरोधी है ।
राष्ट्रीय सचिव सह प्रभारी उत्तर प्रदेश राजेश तिवारी ने कहा कि सबसे शर्मनाक बात ये है कि मुख्यमंत्री खुद को बुलडोजर बाबा कहलवाना पसंद करते हैं। इतनी संवेदनहीनता कि लोगों के घर गिरा कर, महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों को सड़क पर लाकर विजयी हंसी हंसते हैं।अभी हाल फिलहाल की दो घटनाओं ने योगी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। गोमती नगर लखनऊ में बरसात के बाद कुछ शोहदों द्वारा एक लड़की के साथ अभद्रता की गई जिसमें 16 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया मगर सदन में योगी ने सिर्फ दो नाम लिये, जिसमें एक यादव और एक मुस्लिम है। दूसरी घटना जनपद सुल्तानपुर सर्राफा लूटकांड में पूर्वाग्रही कार्यवाही हुई। 3 आरोपियों को पैर में गोली मारकर पकड़ा गया, मुख्य आरोपी विपिन सिंह जो इत्तेफाक से योगी के सजातीय भी हैं जिन्हें पुलिस और एसटीएफ की नाक के नीचे से सरेंडर करा दिया गया। मगर मंगेश यादव के फर्जी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई। योगी के शासनकाल में फर्जी एनकाउंटर यह कोई पहली बार नहीं हुआ, अपने विपक्षियों पर मुख्यमंत्री ने चुन-चुन कर कार्यवाही कराई है। पुलिसिया उत्पीड़न अपने चरम पर है। किसी की हत्या पुलिस अभिरक्षा में होती है, तो कोई जेल में मारा जाता है, किसी को मारकर थाने में लटका दिया जाता है, तो कभी अंहकार के चरम पर बैठे पुलिस वालों द्वारा पीट-पीट कर मार दिया जाता, कभी बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों को लचर पैरवी कर ना सिर्फ बचाया जाता है बल्कि फूल मालाओं से उनका स्वागत भी किया जाता है। भाजपा एक ऐसी वॉशिंग मशीन बन चुकी है जिसमें NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगे दए अपराधी भी भाजपा में आकर अपराध मुक्त हो जाते हैं। योगी की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी तरह फेल हो चुकी है। पुलिस द्वारा भय का माहौल बनाकर कानून व्यवस्था की नीति को ही पूरी तरह विफल कर दिया गया है। जनता इस बात को समझ चुकी है कि इस नीति की आड में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। क्योंकि अपराध तो कम होने के बजाय बढ़ गए, शायद ही कोई दिन ऐसा होगा जिस दिन कोई दिल दहलाने वाला अपराध न होता हो। सच तो यह है कि पूरा प्रदेश अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित है। प्रदेश में भय का माहौल व्याप्त है और योगी प्रदेशवासियों को सुरक्षित तथा उन्हें भयमुक्त प्रदेश देने में विफल हो चुके हैं। इस जनविरोधी सरकार की जितनी निंदा की जाए कम है ।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राजेश तिवारी, राजेश्वर पटेल, राघवेंद्र चौबे, राघवेन्द्र प्रताप सिंह, राम किसुन पटेल, पंकज सोनकर, फसाहत हुसेन बाबू, प्रमोद पाण्डेय, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, डॉ राजेश गुप्ता, वकील अंसारी, अरुण सोनी, राजू राम, सुनील राम, हुकुम सिंह, धर्मेंद्र तिवारी, रामजी गुप्ता, सत्यवीर सिंह, शैलेन्द्र सिंह, प्रमोद वर्मा, दिलीप चौबे, संतोष मौर्य, मयंक चौबे, विकास कौण्डिल्य, रमजान अली, जितेन्द्र सेठ, सतनाम सिंह, राजेन्द्र गुप्ता, अनुराधा यादव, पूनम विश्वकर्मा, मधु राय, आसिष गुप्ता, अब्दुल हमीद डोडे, समेत सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
