गंगा माई के नाम पर मोदी-योगी सरकार कमाई करना बंद करे-राघवेंद्र चौबे
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। दिनांक 19 नवंबर, आज वाराणसी महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि मां गंगा के स्वघोषित पुत्र द्वारा "नमामि गंगे" के नाम पर मां गंगा से छलावा किया गया है। हम तो यही कहेंगे की गंगा माई के नाम पर कमाई करना मोदी-योगी सरकार बंद करे। नरेंद्र मोदी स्वयं को स्वघोषित गंगा पुत्र बोलते है और पुत्र धर्म का फर्ज निभाना तो छोड़िए मोदी मां गंगा के नाम पर छलावा किए है। केंद्र की सरकार व प्रदेश की राज्य सरकार दोनों ने मां गंगा के नाम पर लूट मचाई है। ‘नमामि गंगे’ व ‘स्वच्छ गंगा’ के नाम पर भाजपा सरकार में पिछले 10 वर्षों में अरबों रुपयों के फ़ंड निकाले गये पर वो फ़ंड माँ गंगा के घाट तक नहीं पहुँचे। फ़ाइलों में गंगा के स्वच्छ, अविरल, निर्मल होने के दावों का सच ये है कि वाराणसी में माँ गंगा इतनी दूषित हो चुकी हैं कि पीना तो क्या स्नान योग्य भी नहीं रह गया है।
राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि अभी नमो घाट पर देव दीपावली शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने कहा था की प्रधानमंत्री मोदी और नमामि गंगे परियोजना के प्रयास से गंगा का पानी अब पीने योग्य हो गया है। उसके ठीक बाद इसी संदर्भ में नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल ने देश के पीएम के संसदीय क्षेत्र ‘वाराणसी’ के ज़िलाधिकारी से ये पूछकर सारा सच स्पष्ट कर दिया है कि ‘क्या आप गंगाजल पी सकते हैं?’ साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की ये सलाह भी डबल इंजन की सरकार के लिए चुल्लू भर पानी में डूबने के बराबर है कि उनके राज में तथाकथित क्योटो अर्थात काशी के डीएम साहब अपनी पॉवर का इस्तेमाल करते हुए गंगा किनारे एक चेतावनी भरा बोर्ड लगवा दें कि ‘ये गंगा जल पीने-नहाने योग्य नहीं है। लेकिन इसमें प्रशासन से अधिक दोष, शासन में बैठे लोगों का है जो निंदनीय भी, शर्मनाक भी है। नमामि-गंगे" के नाम पर करोड़ों अरबों की परियोजनाओं का हवाला देकर घोटाला करने वाली इस सरकार ने मां गंगा को दूषित करने के अलावा और कुछ नहीं किया। आज मां गंगा राजनैतिक गंदगी का शिकार हो गई है और काशी की जनता सीवर का पानी पीने को मजबूर है। हम पुनः यही कहेंगे की गंगा माई के नाम पर कमाई करना मोदी-योगी सरकार बंद करे। मां गंगा ऐसे पुत्रों को सत्बुद्धि प्रदान करे।
