श्रीश्री 1008 डॉ सचिंद्रनाथ महाराज महाकुंभ में श्रीकुल पीठ के बने पीठाधीश्वर।
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। दिनांक 21 जनवरी, ब्रह्मराष्ट्र एकम विश्व महासंघ अंतर्राष्ट्रीय संस्था है, विश्व के सभी "श्रीकुल" उपासक जो हमारी संस्था के परिवार है, सत्य सनातन वैदिक धर्म का प्रचार-प्रसार अपने-अपने क्षेत्र से (राज्य स्तर) पर निरंतर कर रहे है, जिसके अनुयायी देश-विदेश में अपने धर्म के प्रचार-प्रसार निरन्तर कर रहे है, हमारी अंतराष्ट्रीय संस्था के सभी परिवारिक सदस्यों के अनुमोदन से श्रीश्री 1008 दिवाकर महाराज आचार्य पीठाधीश्वर श्रीकुल पीठ अपने कृपा पात्र "श्रीश्री 1008 डॉ सचिंद्रनाथ महाराज को श्रीकुल पीठ के पीठाधीश्वर पद पर विभूषित किया गया। उक्त जानकारी डॉ सचिंद्र महाराज ने दी।
सचिंद्रनाथ महाराज ने बताया कि अपने गुरु "आचार्य श्रीश्री 1008 दिवाकर महराज"के सानिध्य में 45 दिनों की 2 फरवरी 2024 से 17 मार्च 2024 तक बाबा काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद लेकर भगवान संकट मोचन का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त कर संकट मोचन से राम पग यात्रा का शुभारंभ किया और यह यात्रा श्रीलंका में पहुंच कर सम्पन्न हुई। इस यात्रा में भगवान श्रीराम वन गमन के समय अपनी वनवास यात्रा के दौरान जहां जहां समय व्यतिथ किए वहां सनातन धर्म ध्वजा को फहराते हुए, सनातन संस्कृति और सनातन धर्म को जन-जन तक पहुंचने का भगीरथ प्रयास किया, जो पूर्ण रूप से सफल रहा और इस भारत वर्ष के इतिहास में अभी तक इस तरह की यात्रा नहीं हुई थी। इस यात्रा के माध्यम से हमारी वैदिक सनातन संस्कृति का प्रचार एवं प्रसार किया। जनकल्याण के लिए महाराज का यह कार्य निरंतर अविरल धारा के रूप में प्रवाहित होता रहेगा, जिससे हमारी सनातन संस्कृति अक्षुण् बनी रहेगी।
