काशी खंडोक्त श्री चिंतामणि गणेश जी का दर्शन कर श्रद्धालुजन हुए निहाल।
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। दिनांक 18 जनवरी, काशी खण्डोक्त व श्री केदार खण्डोक्त प्राचीन प्रथम पूज्य श्री चिन्तामणि गणेश जी महाराज का माघ कृष्ण पक्ष संकष्ठी चतुर्थी, गणेश उत्पत्ति व प्रकटोत्सव दिवस के अवसर पर श्रद्धालुओं ने दर्शन- पुजन किए।
इस मौके पर मंदिर के मंहत चल्ला सुब्बाराव शास्त्री ने बताया कि आज सुबह श्री चिंतामणि गणेश जी को पंचामृत व नारियल के जल से स्नान एवं सिन्दूर लेपन के उपरान्त सुगंधित फूल-माला, दूर्वा से भव्य श्रृंगार व लावा, दूर्वा से सहस्त्र अर्चन किया गया। भगवान गणेश के भक्तों का सुबह से ही दर्शन- पूजन के लिए लम्बी कतारें लगी रहीं।
उन्होंने बताया कि आज के दिन जो भी प्रथम पूज्य श्री चिन्तामणि गणेश जी का निराजल दूर्वा, लावा व तिल के लड्डू से पूजन के उपरान्त चन्द्रमा का दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
मनसा चिन्तित कार्यम् साधितम मनिवतत्वया। नामना चिन्तामणि इति चिन्तितार्थ फलप्रदा।।
इस दौरान भगवान गणेश जी के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं में महंत जी द्वारा निरंतर प्रसाद वितरण किया गया।
