Kashi ka News. जनसम्पर्क का कार्य समर्पण और पूजा है- शशीन्द्र मिश्र

 जनसम्पर्क का कार्य समर्पण और पूजा है- शशीन्द्र मिश्र

ब्यूरो चीफ़ आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। दिनांक 21 अप्रैल, आज राष्ट्रीय जनसम्पर्क दिवस पर, मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं क्योंकि मैं सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में एक जनसम्पर्क अधिकारी के रूप में अपने संस्था और मुखिया को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हूं। उक्त बातें विश्वविद्यालय के जनसम्पर्क अधिकारी शशींद्र मिश्र ने कहीं।

उन्होंने कहा कि जनसम्पर्क का कार्य जीवन एक चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण होता है। मुझे हर समय, हर परिस्थिति में अपने संस्था और मुखिया की छवि को बनाने और सुधारने के लिए काम करना होता है। चाहे वह ठंड हो, गर्मी हो, रात हो दिन हो या वर्षाकाल, मुझे अपने कार्यों को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार रहना होता है। मेरे जीवन का सारा सुख संस्था की भावनाओं के रूप में अन्तर्राष्ट्रीय क्षितिज पर प्रतिष्ठित करना है साथ ही यही संकल्प मेरी पूजा है।निजी तौर पर मेरा लक्ष्य संस्था और उसमे कार्यरत ज़न की समृद्धी है। मेरे जीवन की तुलना एक समाचार पत्र विक्रेता से की जा सकती है जो घर-घर जाकर समाचार पत्र पहुंचाता है, लेकिन कोई भी उसके बारे में नहीं जानता कि वह कैसे है? ठीक उसी तरह, एक जनसम्पर्क अधिकारी का जीवन होता है। लोग सिर्फ अपेक्षाओं का बोझ डालते हैं, लेकिन कोई भी उसकी भावनाओं को समझने का प्रयास नहीं करता, फिर भी मैं मुस्कराते हुए अपने दर्द को पीकर अपने संस्था और मुखिया की छवि को बनाने में लगा रहता हूं। मेरा मानना है कि एक जनसम्पर्क अधिकारी का काम न केवल संस्था की छवि को बनाने में मदद करता है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय जनसम्पर्क दिवस पर, मैं अपने सभी साथियों और सहयोगियों को बधाई देता हूं जो अपने कार्यों के माध्यम से संस्था और समाज की सेवा कर रहे हैं। आइए हम सब मिलकर अपने कार्यों को और भी बेहतर बनाने का प्रयास करें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में अपनी भूमिका निभाएं।