Kashi ka News. तीन दिवसीय काशी तेलुगु संगमम की शृंगेरी मठ में शुभारंभ।

 तीन दिवसीय काशी तेलुगु संगमम की शृंगेरी मठ में शुभारंभ।

ब्यूरो चीफ़ आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। दिनांक 25 जुलाई, काशी में अवधान साहित्य का ऐतिहासिक क्षण सप्त मोक्षपुरी काशी की पवित्र भूमि पर, “दर्शनम्” आध्यात्मिक पत्रिका के तत्वावधान में, “वज्रोत्सव भारती” के भव्य अवसर पर त्रिभाषा महा सहस्रावधानी, धारणा वेदावधान निधि ब्रह्मश्री वद्दिपर्ति पद्माकर का 25वां शतावधान एक ऐतिहासिक महाआयोजन शृंगेरी शंकर मठ, महमूरगंज में प्रारम्भ हुआ। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम को अवधान परंपरा के इतिहास में बडी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि अब तक किसी भी अवधानी द्वारा 25 शतावधान करने का कोई प्रमाणित उदाहरण उपलब्ध नहीं है। यह उपलब्धि ब्रह्मश्री पद्माकर को अवधान साहित्य की स्वर्णिम धरोहर में एक अद्वितीय स्थान प्रदान करती है। इस कार्यक्रम में तीन सहस्रावधानी, अनेक शतावधानी और अष्टावधानी की गरिमामयी उपस्थिति उल्लेखनीय रही है। यह आयोजन केवल साहित्यिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य अर्चकों ने कार्यक्रम को मंगलाशीष प्रदान किया। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल एवं राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु, काशी के महापौर अशोक तिवारी ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर अपनी शुभकामनाएँ दीं। सबसे विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस ऐतिहासिक अवसर पर अपनी प्रसन्नता प्रकट करते हुए एक आधिकारिक शुभकामना संदेश जारी किया। साहित्य, संस्कृति और स्मृति शक्ति के इस अद्वितीय महोत्सव में अनेक विद्वानों, संस्कृति कर्मियों व श्रद्धालुओं की भागीदारी हो रही है। यह आयोजन काशी तेलुगु संगम के अंतर्गत, दर्शनम् पत्रिका द्वारा समर्पित प्रयास है, जो तीन दिनों तक अवधान विद्या की दिव्य परंपरा को समर्पित रहेगा। इस अवसर पर दर्शनम टीवी के चेयरमैन एम वेंकट रमण शर्मा, भीमसेन मूर्ति, दत्तात्रय शर्मा, चल्ला सुब्बा राव, चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद, संतोष सोलापुरकर सहित तैलंगाना व आंध्राप्रदेश से सैकडो की संख्या तेलुगु भाषी विशिष्ठ लोग उपस्थित रहे।