बीएचयू को मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना डाला- अजय राय
ब्यूरो चीफ़ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। दिनांक 25 जुलाई, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में एक्जीक्यूटिव काउंसिल (कार्यकारी परिषद) का राजनीतिक दखल को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने लहुराबीर स्थित कैंप कार्यालय पर एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। पत्रकार वार्ता में अजय राय ने कहा कि बीएचयू के कार्यकारिणी परिषद की नियुक्ति शैक्षणिक उत्कृष्ट लोगों की जगह पूर्व केंद्रीय मंत्री,भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष, शहर के मेयर को कार्य परिषद में शामिल करना विश्व विख्यात विश्वविद्यालय को राजनीति दखल और आरएसएस का कार्यालय बनाने जैसा हैं।बीएचयू में एक्जीक्यूटिव काउंसिल (कार्यकारी परिषद) विश्वविद्यालय का प्रमुख कार्यकारी निकाय है और इस परिषद का आरएसएस करण करना निंदनीय है। हमने पिछले वर्ष इस मुद्दे को उठाया था कि कार्यकारी परिषद का गठन हो तो उसमें शिक्षाविद, कुलपति, वैज्ञानिक, शिक्षा जगत के महत्वपूर्ण लोग हो जिन्हें पद्मश्री, पद्मभूषण या देश के महत्वपूर्ण सम्मान के अलंकृत किया जाता हो उन्हें शामिल किया जाए। परन्तु बीएचयू का आरएसएस करण कर चुकी केंद्र की भाजपा सरकार ने अपने पुराने रवैए को दोहराते हुए फिर से निम्न स्तर का कार्य किया। जब बीएचयू में कुलपति थे तो कार्यपरिषद नहीं था, अब कार्यपरिषद है तो कुलपति नहीं है, यह गंभीर विषय है।बीएचयू शोध और अध्ययन का विश्व स्तरीय केंद्र है, ऐसे में भाजपा के जिन तीन नेता को कार्य परिषद में शामिल किया गया है क्या वह शिक्षाविद् है? कांग्रेस के समय जब कार्य परिषद की कमेटियां बनती थी तो उसमें शिक्षाविद, वैज्ञानिक, भारतीय सम्मान से अलंकृत शिक्षाविद हस्तियां शामिल रहती थीं। मोदी जी बीएचयू शोध अध्ययन का विश्व स्तरीय केंद्र है इसे आरएसएस का अड्डा मत बनाए। बीएचयू जैसे देश के प्रतिष्ठित संस्थान में आज इंसाफ और नैतिकता का गला घोंटा जा रहा है। चिकित्सा विभाग हो, शिक्षा विभाग हो अथवा ट्रामा सेंटर हो बीएचयू को मोदी सरकार ने भ्रष्टाचार का अड्डा बना डाला है और अब इस संस्था का आरएसएस करण करने पर तुली हुई है। कार्यपरिषद का राजनीतीकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है, हम मांग करते है की तत्काल इस परिषद का राजनीतीकरण बंद हो और योग्य व्यक्तियों को परिषद् का सदस्य बनाया जाए। पत्रकार वार्ता मे मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राजेश्वर पटेल, अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन, मनीष मोरोलिया, सतनाम सिंह, वकील अंसारी, अरुण सोनी, प्रमोद वर्मा, रोहित दुबे, अब्दुल हमीद डोडे, विकास कौण्डिल्य, विनीत चौबे, शुभम राय, किशन यादव, विकास पाण्डेय आदि लोग उपस्थित रहे।
