सरकार मृतक बीएलओ परिजनों को दे एक करोड़ व सरकारी नौकरी-अजय राय
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व मंत्री अजय राय ने लहुरावीर स्थित कैंम्प कार्यालय पर पत्रकार वार्ता के माध्यम से मोदी, योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए तीखा हमला बोला। अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जानलेवा कफ सिरप का अवैध कारोबार प्रकरण पर प्रधानमंत्री/स्थानीय सांसद की चुप्पी क्यों ? पुलिस कमिश्नरेट जैसी कड़ी व्यवस्था के बीच, जहरीली कफ सिरप का नेटवर्क जिस तरह फल-फूल रहा है, यह केवल कानून-व्यवस्था की ही नाकामी नहीं बल्कि यह डबल इंजन की सरकार की सीधी असफलता और सत्ता संरक्षण का गंदा चेहरा उजागर हुआ है।एफआईआर से आरोपी शुभम जायसवाल के पिता का नाम और घर का पता गायब कर दिया जाता है यह साफ़ संकेत है कि इस अवैध कारोबार को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और सत्ता मशीनरी आरोपियों को बचाने में लगी है। इस प्रकरण का असली मास्टरमाइंड ड्रग लाइसेंस अथॉरिटी अधिकारी नरेश मोहन है जो भ्रष्टाचार का मुख्य जड़ है। हम माँग करते है की इस ड्रग अधिकारी को बर्खास्त कर कार्यवाही की जाए। राय ने कहा कि इस समय गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल से लेकर उत्तर प्रदेश तक बीएलओ कर्मचारियों की आत्महत्याएँ और संदिग्ध मौतें यह साबित करती हैं कि मोदी सरकार का नया एसआईआर सिस्टम ‘वोट मैनेजमेंट’ नहीं, बल्कि ‘ वोट चोरी मॉडल’ है।जनता की जान की कीमत पर चुनाव कराने का यह मॉडल लोकतंत्र की हत्या है। जिसके सीधे जिम्मेदार नरेंद्र मोदी एवं ज्ञानेश कुमार है। हम माँग करते है की उच्च स्तरीय जाँच करके आरोपित अधिकारियों पर 302 के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और मृतक बीएलओ के परिजनों को तत्काल प्रभाव से एक-एक करोड़ रुपया और सरकारी नौकरी मुहैया कराई जाए।आज संविधान दिवस पर हम सब संविधान की रक्षा का संकल्प लेते है। पत्रकारवार्ता में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन, डॉ राजेश गुप्ता, नृपेंद्र नारायण सिंह, किशन यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
