Kashi ka News. एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों ने जिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन।

एसआईआर को लेकर राजनीतिक दलों ने जिलाधिकारी को सौपा ज्ञापन।


ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के जिला और प्रदेश के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को ज्ञापन भेज कर मांग की कि एसआईआर की अंतिम तारीख कम से कम 6 माह तक बढ़ाई जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह समझ से परे है कि आधी अधूरी तैयारी के द्वारा इतनी जल्दी बाजी में एसआईआर करने का क्या उद्देश्य है। निकट भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं है। चुनाव आयोग के पास पर्याप्त समय है। उत्तर प्रदेश में बाढ़ और बे मौसम बरसात से किसानों की फसले बर्बाद हुई। परेशान किसान धान की कटाई, मड़ाई और गेहूं की बुवाई में जनवरी तक पूरी तरह व्यस्त है। शादी विवाह की घनघोर लग्न है। इसके साथ ही एस आई आर फॉर्म भरने के संबंध में ठीक से मतदाताओं को जानकारी भी नहीं है। 2003 की सूची राजनीतिक दलों को दी नहीं गई जिस कारण से दलों के कार्यकर्ता आम लोगों की मदद भी नहीं कर पा रहे हैं। बहुत सारे बीएलओ के पास भी 2003 की सूची नहीं है। भारी दबाव और समय के अंदर काम को पूरा करने से भयभीत कर्मचारी आत्महत्या कर रहे हैं या फिर उनके हार्ट अटैक हो रहे हैं। चुनाव अधिकारी खुद ही कन्फ्यूज्ड है। हर रोज नए-नए फरमान जारी हो रहे हैं। बड़ी संख्या में मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जुड़ने से छूट जा रहा है, अफरा तफरी में लोगों के गलत फॉर्म भी भरे जा रहे।अल्पसंख्यकों दलितों और पिछड़े इलाकों में भेदभाव की खबरें आई हैं। जिलाधिकारी की तरफ से एडीएम सप्लाई ने मांग पत्र लिया और निर्वाचन आयुक्त को भेजने का आश्वासन दिया। राजनीतिक दलों ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की सूचना के बावजूद इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर तमाम राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों से जिलाधिकारी ने मिलना उचित नहीं समझा। प्रशासन के रवैया की आलोचना करते हुए कहा है कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अगर समुचित ढंग से कार्रवाई कर लोगों को संतुष्ट करते हुए गणना प्रपत्र भरने में कोताही की जाएगी तो उसका प्रतिवाद करते हुये उग्र आंदोलन व न्याय पालिका के सहयोग से लोगो को न्याय दिलाया जाएगा। उक्त अवसर पर हीरालाल यादव, राजेश्वर सिंह पटेल, सुजीत यादव लक्कड़, राघवेन्द्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, सतनाम सिंह, अजय मुखर्जी, सुरेन्द्र यादव, जय शंकर पाण्डेय, अशोक सिंह, गिरीश पाण्डेय, राजू राम, विनोद सिंह, हसन मेहदी कब्बन, नरसिंह दास, पीयूष श्रीवास्तव, संतोष चौरसिया, अब्दुल हमीद डोडे, हाजी मो इस्लाम, मनीष सिंह, मनोज वर्मा मनू, विपिन पाल, वंदना जायसवाल, राजेश्वर विश्वकर्मा, सुशील पाण्डेय, गोपाल चौबे, पुलक त्रिपाठी, आशुतोष, अरविन्द, रविशंकर, इमरान मिर्जा, रामजी पाण्डेय, विकास पाण्डेय, किशन यादव समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।