लेखक डॉ रविकांत मिश्रा के पुस्तक का हुआ विमोचन।
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। बाबू जगत सिंह शोध समिति संस्थान जगतगंज में प्रधानमंत्री म्यूजियम एवं लाइब्रेरी नई दिल्ली के जॉइंट डायरेक्टर डॉ रविकांत मिश्रा के पुस्तक "डेमोग्राफी रिप्रेजेंटेशन डीलिमिटेशन: दी नॉर्थ-साउथ डिवाइड इन इण्डिया" (2025) का लोकार्पण एवं विमोचन किया गया। इस अवसर पर डॉ रविकांत मिश्रा जन सामान्य के बीच अंतर्निहित कराए गए इस मिथक का कि उत्तर भारत भारत के जनसंख्या वृद्धि के लिए जिम्मेदार है कि आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि यह सच है कि हाल के पांच-छ: दशकों में भारत के कुल जनसंख्या मेंं उत्तर भारत की हिस्सेदारी में वृद्धि हुआ है परंतु ऐतिहासिक दस्तावेज इस ओर इशारा करते हैं कि 1881 से 1951 के बीच उत्तर भारत की जनसंख्या विकास दर या तो स्थिर रही है या उसमें नकारात्मक विकास हुआ है, भारतीय संविधान ने हर दशकीय जनगणना के परिसीमन कमीशन के निर्माण व उसके सलाह अनुरूप लोकसभा एवं विधानसभा सीटों के पुनः परिसीमन की व्यवस्था की गई थी लेकिन आपातकाल के दौरान 42वीं संविधान संशोधन (1976) में नये परिसीमन पर 25 वर्षों के लिए रोक लगा दिया गया। जिसे पुनः 2001 में भी 25 वर्षों के लिए आगे बढ़ाया गया। जब जब दशकीय जनगणना के आधार पर परिसीमन की व्यवस्था को पुनः लागू करने की बात की जाती है दक्षिण भारत के राजनेताओं एवं कुछ अकादमिक विद्वानों द्वारा परिवार नियोजन के नाम पर इसका विरोध किया जाता है।प्रो ध्रुव कुमार सिंह कहा कि इस किताब को लेखक के कठिन एवं उत्कृष्ट श्रम का परिणति मनाते हैं। वे मुताबिक यह किताब जनांकिकी से जुड़े कई अहम आयामों से अच्छादित है। जनसंख्या विकास एवं लोकसभा एवं विधानसभा सभा में सीटों के अनुपात इसके दो अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम हैं। प्रो अखिलेद्र कुमार पाण्डेय इस पुस्तक को एक गंभीर विषय गंभीर विचार मानते हैं। उनके मुताबिक यह पुस्तक जनसंख्या पर भविष्य में होने वाले शोध के लिए एक आधार पुस्तक बनेगा। प्रो पाण्डेय कहा कि 2026 में होने वाली आगामी जनगणना के बाद परिसीमन पर भी खूब बहस होगा। इन विमर्शों के समाधान एवं संवाद में इस पुस्तक की भूमिका को निर्णायक बताया। डॉ प्रियंका झा ने इस पुस्तक को लेखक के दो दशकों के गहन शोध एवं अकादमिक अनुशासन की परिणति बताती हैं। उनके मुताबिक यह पुस्तक न केवल भारत के विभिन्न भागों अपितु विश्व के कई भागों की तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करती है। इस मौके पर जगतगंज राज परिवार के प्रतिनिधि प्रदीप नारायण सिंह ने कार्यक्रम में आए हुए सभी गणमान्य लोगों एवं विद्यार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो मनोज मिश्रा, मेजर अरविंद सिंह, विकास यादव के अतिरिक्त भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
