एसआईआर की समयावधि बढ़ाने की राजनीति दलों ने की मांग।
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीएम, सीपीआई, राजद की एक बैठक कांग्रेस कार्यालय लहुराबीर में संपन्न हुई। बैठक में सभी दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि एसआईआर जिस तरह से जल्दी बाजी और आधी-अधूरी तैयारी के साथ कराया जा रहा है उससे निश्चित रूप से बहुत सारे लोगों का नाम दर्ज होने से छूट जाएगा। गांव में धान की कटाई और गेहूं की बुवाई का व्यस्ततम मौसम, एसआईआर के बारे में चुनाव कार्यालय से संबंधित पूर्ण जानकारी का अभाव, बीएलओ की ट्रेनिंग का अभाव और आम जनता में जागरूकता की कमी के कारण यह संभव ही नहीं है की 4 दिसंबर तक इसे ठीक से पूरा किया जा सके, इसलिए कम से कम 6 महीने के लिए बढ़ाया जाना चाहिए। विधानसभा चुनाव 27 में होने वाला है इसलिए भी बहुत जल्दी बाजी का कोई औचित्य नहीं है। इसी के साथ यह भी मांग की 2003 और 2025 की मतदाता सूची प्रत्येक बीएलओ को अवश्य दी जाए और वह घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता को संतुष्ट कर उसका फॉर्म भरे। कई क्षेत्रों से सूचनाएं मिल रही है कि बीएलओ के पास 2003 की मतदाता सूची नहीं है। कई क्षेत्रों में केवल दो के स्थान पर एक गणना पत्र दिया जा रहा है। कई लोग जो 2024 में मतदाता रहे हैं उनका गणना फॉर्म उनको नहीं मिला। इसका विकल्प दिया जाना चाहिए। बैठक में तय किया गया कि कल 28 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी से मिलकर चुनाव आयोग के लिए ज्ञापन दिया जाएगा और उपरोक्त समस्याओं के समाधान और अंतिम तारीख बढ़ाने की मांग की जाएगी। बैठक में डॉ हीरालाल यादव, राघवेंद्र चौबे, आनंद मौर्य, नंदलाल पटेल, सुरेंद्र यादव, अजय मुखर्जी, फसाहत हुसैन, डॉ राजेश गुप्ता, सतनाम सिंह, जयशंकर पांडे, मोबीन अहमद, दुर्गा प्रसाद गुप्ता, अरुण सोनी, मयंक चौबे, किशन यादव, रवि आदि मौजूद थे।
