Kashi ka News. संगठित शक्ति ही महापुरुषों के सपनों को करेगा साकार-अशोक विश्वकर्मा

 संगठित शक्ति ही महापुरुषों के सपनों को करेगा साकार-अशोक विश्वकर्मा

ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में भारत के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की पुण्य स्मृति में स्मरणाजंलि सभा एवं राष्ट्रीय एकता संगोष्ठी का आयोजन दिल्ली में संपन्न हुआ। ज्ञानी जैल सिंह की समाधि एकता स्थल राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, तत्पश्चात पहाड़गंज स्थित विश्वकर्मा मंदिर में राष्ट्रीय एकता व्याख्यान हुआ। ऑल इंडिया यूनाइटेड विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने जैल सिंह की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उनका जीवन सिद्धांतों एवं धार्मिक संस्कारों से परिपूर्ण था। गुलामी के खिलाफ लडाई मे अनेकों बार जेलयात्रा के कारण उनका नाम जेल सिंह पडा आगे जैल सिंह के नाम से विख्यात हुए। उन्होंने कहा कि सामाजिक जागरूकता और संगठित शक्ति ही महापुरुषों के सपनों को साकार करेगा। महासभा राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त एकता और भागीदारी के लिए सामाजिक प्रतिनिधित्व वाले संगठनों का मुद्दो और विचारों के आधार पर समन्वय स्थापित कर राष्ट्रीय महागठबंधन बनाने की दिशा में कार्यरत है, जिसका शंखनाद आज देश की राजधानी दिल्ली से किया गया है। समारोह के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनिल जय हिंद ने कहा ज्ञानी जैल सिंह का राष्ट्रपति पद तक पहुंचना संविधान में मिले अधिकारों का ही चमत्कार है। पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा विश्वकर्मा समाज का देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस समाज के लोगों को इनका जायज है अधिकार हासिल नहीं हुआ और इस समाज के लोग आज भी भेदभाव के शिकार है। कार्यक्रम में महेंद्र सुथार, हंसराज जांगीड़, गंगादीन सुथार, चंदन विश्वकर्मा, डॉ प्रमोद कुमार विश्वकर्मा, रविंद्र विश्वकर्मा, कैलाश जांगिड़, भोला वर्मा, उमेश शर्मा, दिनेश विश्वकर्मा, कुलदीप शर्मा, विशाल शर्मा, अजय विश्वकर्मा, सुभाष पांचाल, प्रेम प्रकाश विश्वकर्मा, मैनपाल शर्मा, प्रवीण पांचाल, रविंद्र आर्य, दुलीचंद विश्वकर्मा सहित हजारों लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन एवं धन्यवाद दीपेश शर्मा ने किया।