Kashi ka News. यूजीसी बिल पर वाराणसी में स्वर्ण समाज का हंगामा।

 यूजीसी बिल पर वाराणसी में स्वर्ण समाज का हंगामा।

ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। विश्वविद्यालयों में समानता का अधिकार देने के लिए यूजीसी के नए बिल का देशभर में विरोध हो रहा है। कुछ ऐसे नियम जिस पर स्वर्ण समाज के लोगों ने आपत्ति जताते हुए पूरे देश में केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

वाराणसी में स्वर्ण समाज के साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ सहित तमाम विद्यालयों के स्वर्ण समाज के छात्र नए बिल के खिलाफ प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे छात्रों और स्वर्ण समाज के लोगों ने नए बिल के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जेल भरने और शस्त्र उठाने तक की खुली धमकी देते नजर आए। स्वर्ण समाज के लोगों ने आपत्ति जताते हुए आशंका व्यक्त किया कि यदि यूजीसी नए बिल को वापस नहीं लेती है, तो यह स्वर्ण समाज के छात्रों के लिए काफी घातक होने वाला है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र आशुतोष तिवारी ने कहा कि किसी छात्र के शिकायत के बाद जो कमेटी गठित करने की बात कही जा रही है उन कमेटी में स्वर्ण समाज को अनिवार्य क्यों नहीं किया गया। जबकि यह बिल यह कहकर लाया गया है कि इस बिल से सभी छात्रों को समानता का अधिकार मिलेगा। तो ऐसे में जब कमेटी में ओबीसी, एससी, एसटी और दिव्यांग सदस्य को अनिवार्य किया गया है, तो स्वर्ण समाज के सदस्य को भी अनिवार्य किया गया है, तो स्वर्ण समाज के सदस्य को भी अनिवार्य किया जाना जाहिए। जिससे किसी भी समाज में भेदभाव का आरोप आने वाले भविष्य में ना लगे। वहीं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रवि सिंह का कहना है कि बिल में दोष सिद्ध न होने पर दलित और ओबीसी छात्र के ऊपर किसी प्रकार के कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। ऐसे में कोई भी दलित छात्र द्वेषपूर्ण भाव से किसी भी स्वर्ण समाज के छात्र पर झूठा आरोप भी लगा सकता है।