Kaashi ka News. वाराणसी में एसआईआर में एक लाख 62 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी।

 वाराणसी में एसआईआर में एक लाख 62 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। निर्वाचन आयोग ने विधानसभा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक लाख 62 हजार मतदाताओं को नोटिस जारी किया है। ये मतदाता वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे हैं। इस प्रक्रिया में सुनवाई और निस्तारण का कार्य जारी है, और संबंधित पोर्टल भी खुला है। 

इसके साथ ही, मतदाता सूची में शामिल व्यक्तियों के नाम, उम्र आदि में गड़बड़ियों को सुधारने के लिए आयोग ने तार्किक विसंगतियों के मामले में नोटिस जारी किया है। इनमें से कई मामलों में देखा गया है कि किसी की उम्र उसके पिता से अधिक है, या उम्र का अंतर केवल 12 से 14 वर्ष है। इसके अलावा, नाम की स्पेलिंग और टाइटिल में भी त्रुटियाँ पाई गई हैं। अब तक 9 लाख 49 हजार 114 मतदाता इस श्रेणी में पाए गए हैं।

तार्किक विसंगति के नोटिस में तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यदि किसी मतदाता की मैपिंग उसके पिता से हुई है, तो वर्ष 2003 में पिता की उम्र और वर्तमान में बेटे की उम्र के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है। आयोग के नियमों के अनुसार, पिता और पुत्र के बीच का न्यूनतम उम्र का अंतर 15 वर्ष होना चाहिए। इस प्रकार की गड़बड़ियों के लिए मतदाताओं से साक्ष्य मांगे जा रहे हैं, जिसमें पिता का आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि शामिल हैं।इसके अतिरिक्त, यदि किसी मतदाता के नाम में स्पेलिंग की गड़बड़ी है, जैसे कि नाम विनोद के स्थान पर बिनोद लिखा गया है, तो इसे सही किया जा रहा है। इसी प्रकार, टाइटिल में अंतर होने पर भी बीएलओ द्वारा लिखित प्रमाण पत्र के माध्यम से सुधार किया जा रहा है। हालांकि, बीएलओ का कहना है कि इस प्रक्रिया में मतदाताओं से संपर्क साधना कठिन हो रहा है। कई मतदाता सहयोग नहीं कर रहे हैं और कुछ तो यह कहते हुए नाराज हो जाते हैं कि वे वोट नहीं देना चाहते। इस स्थिति में बीएलओ को घर-घर जाकर संपर्क करना पड़ रहा है और वाट्सएप के माध्यम से साक्ष्य मांगने की आवश्यकता पड़ रही है।