14 फरवरी से त्रिदिवसीय शिवरात्रि संगीत महोत्सव का भव्य आयोजन।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। रमेश भाई ओझा "भाई श्री" के सानिध्य मे विगत् 35 वर्षों से शिवरात्रि संगीत महोत्सव होता चला आ रहा है। इस वर्ष यह त्रिदिवसीय संगीत महोत्सव 14, 15 व 16 फरवरी को सायं 7 बजे से श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार अंधविद्यालय, दुर्गाकुण्ड के प्रांगण में होगा। इसमें पद्मश्री शिवमणि जी (ड्रम), सुप्रसिद्ध पं राजेन्द्र गंगानी (कथक) व विदुषी मंजूषा पाटिल (गायन), इत्यादि नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
कार्यक्रम संयोजक केशव जालान/ कृष्ण कुमार जालान ने पत्रकार वार्ता में उपरोक्त जानकारी दी। उन्होने बताया कि त्रिदिवसीय शिवरात्रि संगीत महोत्सव का शुभारम्भ 14 फरवरी को श्रीमती भावना क्याल व सुश्री रिचा जालान के "कथक नृत्य" से होगा। द्वितीय कार्यकम उपशास्त्रीय गायक भगीरथ जालान का "गायन" होगा। महोत्सव की प्रथम निशा का समापन पं रामकुमार मिश्रा, राहुल कुमार मिश्र, कृष्ण कुमार उपाध्याय व आदित्य मिश्रा के वादन "तबला" से होगा।
द्वितीय निशा के की शुरूआत पं सुखदेव प्रसाद मिश्रा के यादन "वायलिन" से और श्रीमती कृपा रवि के "भरतनाट्यम नृत्य" से होगा। समापन विदुषी मंजूषा पाटिल के "शास्त्रीय गायन" से होगा। 16 फरवरी को तृतीय निशा का प्रारम्भ पद्मश्री शिवमणि (ड्रम) व यू राजेश के "मेन्डोलिन वादन" से डॉ रागिनी सरना के "शास्त्रीय गायन" से होगा। इस वर्ष के शिवरात्रि संगीत महोत्सव का समापन पं राजेन्द्र गंगानी के "कथक नृत्य" के प्रस्तुति से होगा।


