Kashi ka News. बाबा की प्राचीन प्रतिमा से हो परंपरा का निर्वहन- लोकपति तिवारी

 बाबा की प्राचीन प्रतिमा से हो परंपरा का निर्वहन- लोकपति तिवारी

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। मैं लोक पति तिवारी पूर्व महंत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर आपको सादर अवगत करना चाहता हूं कि इस वर्ष भी रंगभरी एकादशी महोत्सव का आयोजन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा तय कर दिया गया है जिसमें इस वर्ष भी यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि बाबा विश्वनाथ की प्राचीन रजत चल प्रतिमा को पूजन हेतु मंदिर प्रांगण में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी और यह स्पष्ट कर दिया गया है कि इस प्राचीन परम्परा के दिन जो तथाकथित रुप से बाबा की नई प्रतिमा टेढ़ीनीम पर बनाई गई है उसी से पालकी यात्रा निकाल कर उसका पूजन मंदिर गर्भगृह में किया जाएगा। 

मैंने दिनांक 17 फरवरी को पत्रकार वार्ता के पश्चात जिले के सारे अधिकारियों से इस गंभीर प्रकरण को लेकर वार्ता की परन्तु सभी ने यह स्पष्ट कर दिया कि हमारे ऊपर शासन का बड़ा दबाव है, जिसकी वजह से हम सभी तथाकथित रुप से बनाई गई बाबा विश्वनाथ की नई प्रतिमा से परम्परा का निर्वहन करवाने को मजबूर हैं और हम बाबा की प्राचीन रजत चल प्रतिमा को मंदिर में मंगवा कर पूजन करवाने में असमर्थ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से यह विनम्र निवेदन किया कि काशी जैसी पौराणिक सांस्कृतिक धार्मिक नगरी में इस तरह के भ्रष्ट अधिकारियो को हटाकर परंपराओं का निर्वहन चाहे टेढीनीम से हो या बड़ा देव स्थित मेरे आवास से हो, बाबा की प्राचीन रजत प्रतिमा से संपन्न करवाये, जिससे हम सभी काशी वासियों की आस्था जुड़ी है। पत्रकार वार्ता में पूर्व महंत लोकपति तिवारी, ब्रजपति तिवारी आदि थे।