महाशिवरात्रि पर होलियाना अंदाज मे निकलेगी भव्य शिव बारात।
रिपोर्टः आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। काशी अल्हड़पन, मौज-मस्ती और शिव भक्ति के लिए पूरे दुनिया में मशहूर है, जो समय के साथ धीरे धीरे गायब होता चला जा रहा है। उसी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से इस बार की शिव बारात पूरे मौज-मस्ती के साथ होलियाना अंदाज के साथ ही पहली बार शिव विवाह से संबंधी सभी लोकाचार अनूठे ढंग से संपन्न होगा। उक्त जानकारी प्रेसवार्ता के दौरान शिव बारात समिति के पदाधिकारीयों ने दी।
अध्यक्ष गौरव अग्रवाल ने बताया कि त्रयंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग से बाबा हल्दी के रस्म मंगाया गया है, बाबा सारंग नाथ मंदिर से ससुराल पक्ष की महिलाएं और तिलकहरू मिठाई, फल-फूल और गाजा-बाजा, बैंड बाजा के साथ हल्दी लेकर आयेंगे। ढोल मजीरा और परंपरागत वैवाहिक लोक गीत गलियों में गूंजेगी, सभी महिलाएं काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत के आवास पर पंच बदन प्रतिमा पर हल्दी का लेपन कर हल्दी के रस्म पर नाच गाना करेंगी। 14 फरवरी को बाबा के ससुराल में मेहदी और संगीत का कार्यक्रम होगा।
महामंत्री/संयोजक दिलीप सिंह ने बताया कि 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि पर शाम 7 बजे महा मृत्युञ्जय मंदिर पर महिलाएं परछन करके बाबा के बारात को रवाना करेंगी जो मैदागिन, बुलानाला, चौक, बांसफाटक होते हुए दशाश्वमेध डेढसीपुल तक जायेगी। बाबा के बारात में दैत्य राक्षस, सभी देवी देवता. यक्ष, गंधर्व, डीह बाबा, ताल बेताल शामिल रहेंगे। कोषाध्यक्ष महेश चंद्र महेश्वरी ने बताया कि इस बार शिव बारात का आकर्षण बरसाने की लट्ठमार होली, वृंदावन की फूलों की होली, आनंद पुर साहिब का होला मोहल्ला, गोवा का सिंगमोत्सव, कर्नाटक का हम्पी होली के साथ पहली बार बारात में बाबा विश्वनाथ का राजदंड भी शामिल रहेगा। संरक्षक दीपक बजाज व आर के चौधरी ने बताया कि बारात मे बनारस की मशहूर मसाने की होली विशेष आकर्षण होगा। शिव बारात में सात समुंदर पार यूक्रेन, जर्मनी, फ्रांस आदि देशो के विदेशी भक्तगण भी शामिल होंगे। पत्रकार वार्ता में मुकुंद लाल टंडन, कमल कुमार सिंह, रवि सराफ, रमेश चंद्र पांडे आदि लोग उपस्थित थे।


