देशराज विक्रांत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानद डॉक्टरेट से सम्मानित।
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ़ द आर्टस लिटरेचर एजुकेशन पीस एंड कल्चर (एफ इएम एएलपीसी) एवं यूनिवर्सल डॉक्टोरल कॉलेजिएट काउंसिल आफ एक्सीलेंस (सीयूडीओसीइ) के तत्वाधान में गणराज्य पेरू में आयोजित समारोह मे शिक्षा, समावेशन और शांति, संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भारतीय शिक्षाविद् एवं अंतराष्ट्रीय रियल मीडिया फाउंडेशन के अंतराष्ट्रीय अध्यक्ष देशराज विक्रांत, एलएलएम, सिवान, बिहार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानद डॉक्टरेट (हॉनरेरी डॉक्टरेट इन एजुकेशन) से सम्मानित किया गया है।
संस्था द्वारा यह मानद उपाधि समावेशन और शांति की संस्कृति” के क्षेत्र में प्रदान की गई है, जो मानव गरिमा, सामाजिक न्याय, विविधता के सम्मान और वैश्विक भाईचारे को सशक्त बनाने के लिए किए गए कार्यों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। संस्था द्वारा जारी प्रशस्ति पत्र में शिक्षा, कला, साहित्य और संस्कृति को राष्ट्रों के बीच शांति और समानता के सेतु के रूप में सुदृढ़ करने हेतु उनके प्रयासों की सराहना की गई है।
एफइएमएएलपीसी द्वारा मान्यता प्राप्त यह डॉक्टरेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत है, जो उनके कार्यों की विश्वसनीयता और प्रभाव को दर्शाती है। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों और संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि देशराज विक्रांत का कार्य न केवल शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणास्रोत है, बल्कि यह समावेशी समाज और स्थायी शांति की दिशा में वैश्विक प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करता है। भारत के लिए गौरव का विषय है और यह दर्शाता है कि भारतीय शिक्षाविद् वैश्विक स्तर पर मानव मूल्यों और शांति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


