Kashi ka News. सीबीआई मॉडल पर कार्य करेंगीं अपराध शाखा-पुलिस आयुक्त

 सीबीआई मॉडल पर कार्य करेंगीं अपराध शाखा-पुलिस आयुक्त 

रिपोर्टः आनंद सिंह अन्ना

वाराणसी। अब वाराणसी पुलिस की क्राइम ब्रांच सिर्फ फाइलों में उलझी इकाई नहीं रहेगी, बल्कि अपराधियों के लिए सबसे बड़ा खौफ बनेगी। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने साफ शब्दों में निर्देश दिए हैं कि अब अपराध शाखा और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की कार्यशैली सीबीआई के प्रोफेशनल मॉडल पर चलेगी। कमिश्नरेट कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर ने दो टूक कहा कि अब हर केस में तेज, तकनीकी और निष्पक्ष जांच होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या फाइल दबाने की संस्कृति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्राइम ब्रांच को अब डंपिंग यार्ड नहीं बल्कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट की तरह काम करना होगा। हर केस में ठोस साक्ष्य, टाइमलाइन और जवाबदेही तय की जाएगी। 

विवेचना वही अधिकारी करेंगे जो कानून की गहरी समझ के साथ डिजिटल टूल्स, फॉरेंसिक तकनीक और आधुनिक जांच पद्धति में दक्ष हों। जब कोई केस क्राइम ब्रांच को सौंपा जाए तो पीड़ित को न्याय की उम्मीद और अपराधियों के मन में यह डर होना चाहिए। उनका साफ संदेश था कि “दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा, चाहे सामने कोई भी हो। विवेचना में देरी, कमजोर चार्जशीट या लचर पैरवी करने वाले अधिकारियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई तय है। अब हर लंबित केस की डेली मॉनिटरिंग होगी और रिपोर्ट सीधे पुलिस कमिश्नर को भेजी जाएगी। 

बैठक के दौरान कमिश्नर ने एएचटीयू टीम की सराहना करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों से लापता 6 बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया गया है। यह उपलब्धि मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। अब जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल एविडेंस और फॉरेंसिक रिपोर्ट का अधिकतम उपयोग होगा। हर केस टेक्नोलॉजी बेस्ड होगा ताकि कोर्ट में मजबूत पैरवी हो सके। हमारा लक्ष्य सिर्फ केस सुलझाना नहीं, बल्कि ऐसा सिस्टम बनाना है जहां अपराध करने से पहले ही अपराधी कांपें और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें।