महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ की कब-कब होगी आरती, भक्त करेंगे सुगम दर्शन।
रिपोर्टः आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रबंध किए गए हैं। इस महापर्व के अवसर पर भगवान श्री काशी विश्वनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरतियाँ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न की जाएँगी।
महाशिवरात्रि पर्व पर धाम में होने वाली आरतियों की समय-सारिणी निम्नवत है- मंगला आरती- प्रातः 2:15 बजे पूजा आरम्भ होगी। 3:15 बजे मंगला आरती संपन्न होगी।3:30 बजे मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिया जाएगा।मध्याह्न भोग आरती-11:40 बजे पूजा आरम्भ होगी तथा 12:20 बजे पूजा संपन्न होगी। चारों प्रहर की आरती-प्रथम प्रहर-रात्रि 9:30 बजे शंखनाद होगा एवं पूजा की तैयारी आरम्भ होगी। रात्रि 10 बजे से आरती प्रारम्भ होकर रात्रि 12:30 बजे समाप्त होगी। इस दौरान झाँकी दर्शन सतत् चलता रहेगा। द्वितीय प्रहर- रात्रि 1:30 बजे से आरती प्रारम्भ होकर रात्रि 2:30 बजे समाप्त होगी। झाँकी दर्शन सतत् रूप से चलता रहेगा। तृतीय प्रहर- प्रातः 3:30 बजे से आरती प्रारम्भ होकर प्रातः 4:30 बजे समाप्त होगी, झाँकी दर्शन सतत् जारी रहेगा।
चतुर्थ प्रहर- प्रातः 5 बजे से आरती प्रारम्भ होकर प्रातः 6:15 बजे समाप्त होगी, झाँकी दर्शन सतत् चलता रहेगा। इसके अतिरिक्त, महाशिवरात्रि पर्व के दौरान धाम की सुरक्षा एवं व्यवस्था की दृष्टि से श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर में पेन, मोबाइल फोन, बैग, डिजिटल/स्मार्ट घड़ी, तम्बाकू, पॉलिथीन, प्लास्टिक की पानी की बोतल एवं अन्य प्रतिबंधित वस्तुएँ लाना पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ धाम परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।


