बजट मे आम नागरिक के लिए कुछ भी नही-राघवेन्द्र चौबे
ब्यूरो चीफ आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। आम नागरिक को किसी भी तरह की राहत इस बजट में नहीं मिली। युवाओं के लिए नौकरियों पर कोई ठोस बात नहीं हुई, न मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने की दिशा में कोई कदम दिखा और न ही टैक्स में किसी प्रकार की रियायत दी गई।
देश में भयंकर महंगाई के बावजूद उसे नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी उपाय बजट में नहीं अपनाया गया।सोने-चांदी के दाम आसमान छू रहे हैं। आम परिवारों के लिए शादियाँ करना, सोना खरीदना या ज्वेलरी बनवाना बेहद मुश्किल हो गया है। यह देश की 90% से अधिक आबादी के लिए गंभीर चिंता का विषय है, लेकिन सरकार ने इस ओर ध्यान तक नहीं दिया।
उत्तर प्रदेश वासियों के लिए तो यह बजट बेहद निराशाजनक है। वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद पिछले 12 वर्षों में यहां औद्योगिक विकास के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया, बल्कि रिहायशी इलाकों की मूलभूत सुविधाएं तक बदहाल कर दी गई हैं। बजट के दौरान शेयर बाजार में हाहाकार मचा रहा, क्योंकि सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ाने का ऐलान कर दिया और कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर 22% की दर से टैक्स लगा दिया। मार्केट एक्सपर्ट्स को उम्मीद थी कि एसटीटी घटेगा, लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। कुल मिलाकर बीजेपी ने देश का एक और साल विफल आर्थिक नीतियों के नाम कर दिया है।


