बाबा भोले की नगरी में श्री हनुमान ध्वजा प्रभात फेरी 19 मार्च से।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। श्री हनुमान ध्वजा प्रभात फेरी समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष काशी में धूमधाम से आयोजित होने वाले हनुमान ध्वजा प्रभात फेरी की तैयारी के सन्दर्भ में बैठक होटल हरि विला श्रीनगर कॉलोनी पर आहूत की गई। समिति के अध्यक्ष कौशल शर्मा, कार्यक्रम संयोजक यतींद्र कथूरिया, मीडिया प्रभारी सुरेश तुलस्यान ने संयुक्त रूप से बताया कि समिति द्वारा यह आयोजन 25 वर्षों से लगातार होता आ रहा है, यह उत्सव मुख्य रूप से समाज की एकता का पर्व है।
महोत्सव अंतर्गत सभी समाज के लोग 19 मार्च को धर्म संघ में पातालेश्वर महादेव में प्रातः 4 बजे वैदिक ब्राह्मणों के साथ कार्यक्रम संयोजक यतींद्र कथूरिया सपरिवार रुद्राभिषेक करेंगे। प्रातः 5:40 बजे भक्तों द्वारा हनुमान रूपी संकट मोचन व हनुमान ध्वजा की आरती उतार कर भक्तों को ध्वजा देकर प्रभात फेरी का शुभारंभ करेंगे, जो रवींद्र पुरी, दुर्गाकुंड त्रिदेव मंदिर होते हुए संकट मोचन मंदिर पहुंचकर प्रभु के चरणों में ध्वजा अर्पण की जाएगी। सामुहिक हनुमान चालीसा का पाठ, प्रभु को भोग, आरती के बाद भक्तों में प्रसाद वितरण होगा। लोकेश गुप्ता ने कहा कि कलयुग में जो प्राणी हनुमान जी के शरण में जाता है उसका हर कष्ट दूर होता है। यह कार्यक्रम अपने आप में अद्भुत है। विजय मोदी, कृष्ण कुमार काबरा ने संयुक्त रूप से बताया कि रजत ध्वजा भक्तों के सहयोग से बनवाई जा रही है, जो हनुमान जी को चढ़ाई जाएगी। सुंदर कांड का पाठ एवं श्रीराणी सती श्याम भक्त मंडल की ओर से भजन- कीर्तन का भी आयोजन होगा।
प्रचार मंत्री सुरेश तुलस्यान ने बताया कि 12 अप्रैल को विशाल शोभायात्रा निकलेगी। राम-सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न व हनुमान जी की रथ पर फूलों से झांकी सजाई जाएगी। 1101 महिलाएं व पुरुष हनुमान ध्वजा लेकर चलेंगे, संकट मोचन मंदिर मे प्रभु के चरणों में ध्वजा अर्पित कर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ एवं प्रभु की बैठकी होगी। प्रभु को सवामणि का भोग लगेगा और भक्तों में वितरण होगा। बैठक में कौशल शर्मा, सुरेश तुलस्यान, यतेंद्र कथूरिया, लोकेश गुप्ता, संतोष अग्रवाल हरे कृष्ण ज्वेलर्स, महेश चौधरी, मनीष गिनोडिया, कृष्ण कुमार काबरा, दीपक अग्रवाल, विश्वनाथ पोद्दार, रघु देव अग्रवाल, कृष्ण गोपाल तुलस्यान, विजय मोदी, दीपक कैलाश राठी, अरविंद जैन, संजय प्रहलादक, मोहन रोनियार आदि लोग मौजूद थे।


