सीएम योगी की मां पर टिप्पणी करने वाले मौलाना का सिर काटने वाले को 21 लाख का इनाम।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। त्रिशक्ति सेवा फाउण्डेशन एवं हिंदू युवा वाहिनी वाराणसी ने प्रदर्शन कर पुतला फूंका, नागरिकता रद्द करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की। बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां को लेकर कथित विवादित और आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद सामाजिक और राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। इस बयान के विरोध में रविवार को वाराणसी में युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और मौलाना का पुतला फूंका।
हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी और वाराणसी विकास प्राधिकरण के मानद सदस्य अंबरीश सिंह भोला ने ऐलान किया कि जो व्यक्ति मौलाना का सिर काटकर लाएगा, उसे हिंदू युवा वाहिनी की ओर से 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। शहर के मैदागिन चौराहे पर त्रिशक्ति सेवा फाउंडेशन और हिंदू युवा वाहिनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना अब्दुल्ला सलीम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका और प्रशासन से उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि या उनके परिवार के बारे में इस तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी समाज में वैमनस्य फैलाने वाली है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। अंबरीश सिंह भोला ने कहा कि मुख्यमंत्री की माता को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी निंदनीय है और इससे प्रदेश की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की टिप्पणी करने का साहस न कर सके। उन्होंने प्रशासन से मौलाना अब्दुल्ला सलीम की नागरिकता रद्द करने की मांग भी की, साथ ही यह भी घोषणा की कि जो व्यक्ति मौलाना का सिर काटकर लाएगा, उसे हिंदू युवा वाहिनी की ओर से 21 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र में कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रित रही। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया। इस मौके पर नवीन कश्यप, अजय सिंह, सन्नी गुप्ता, विनय जायसवाल, अश्वनी गुप्ता, विनय चौरसिया, उमेश सिंह, अभिषेक श्रीवास्तव, नीतीश रौनक, गप्पू सिंह, दिनेश अग्रहरि एवं सैकडों कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।


