धुमधाम से मनाया गया श्रृंगेरी शंकराचार्य भारती तीर्थ का 76वां जन्मदिवस महोत्सव।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। श्री श्रृंगेरी शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य भारती तीर्थ महास्वामी महाराज का 76वां जन्मदिवस महोत्सव चैत्र शुक्ल षष्ठी मंगलवार को महमूरगंज स्थित श्रृंगेरी शंकराचार्य मठ में धुमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्वत् सभा व शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर, भारतीतीर्थ महास्वामी महाराज की पादुका पूजन व चित्र पर माल्यार्पण किया। उसके पश्चात वैदिक विद्वानों द्वारा वेद घोष किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि जगदगुरू शंकराचार्य का सनातन संस्कृति के संवर्धन, संरक्षण एवं विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शंकराचार्य भारतीय संस्कृति के आधार स्तम्भ है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो राजाराम शुक्ल ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने चारो पीठों की स्थापना की। इन चारो पीठो द्वारा वेद, शास्त्र, पुराणो का संरक्षण किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर के उपजिलाधिकारी पवन कुमार पाठक ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य ने भारतीय, शास्त्र, संस्कृति, सभ्यता के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पारस नाथ उपाध्याय ने कहा कि जगदगुरु शंकराचार्य ने भारतीय वेद परम्परा को आज भी संरक्षित रखा है।
प्रो हृदय रंजन शर्मा ने कहा कि भारतीय सनातन, संस्कृति के संरक्षक हमारे जगदगुरु शंकराचार्य है। बृज भूषण ओझा ने कहा कि शंकराचार्य भारतीतीर्थ भगवान् शकंर के स्वरुप है। इस अवसर पर अमित प्रसाद द्विवेदी, नागेंद्र प्रसाद द्विवेदी, प्रभाकर तिवारी ने भी संबोधित किया। महापौर अशोक तिवारी व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो राजाराम शुक्ल ने वाराणसी नगर निगम में नामित पार्षद संतोष सोलापुरकर का अंगवस्त्रम ओढाकर सम्मानित किया। जगद्गुरु शंकराचार्य के जन्मदिवस महोत्सव पर बैंगलोर की "नृत्यकला अकादमी" की महिला कलाकारों द्वारा भरतनाट्यम की सुमनोहर प्रस्तुति दी।अतिथियों का स्वागत प्रबंधक अन्नपुर्णा प्रसाद ने किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो राजाराम शुक्ल ने, संचालन माधव रटाटे ने व धन्यवाद ज्ञापन महंत सुब्बा राव ने किया। इस अवसर पर चल्ला गणेश, चल्ला जगन्नाथ, पार्षद संतोष सोलापुरकर, चल्ला अभिनव, अमित प्रसाद द्विवेदी, बृजेश मिश्रा आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।


