Kashi ka News. डोमरी स्थित 'नमो वन' की ड्रोन कैमरों से मॉनिटरिंग होगी।

 डोमरी स्थित 'नमो वन' की ड्रोन कैमरों से मॉनिटरिंग होगी।                   

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। सुजाबाद-डोमरी स्थित 'नमो वन' में एक घंटे में ढाई लाख से अधिक पौधों के रोपण का विश्व रिकॉर्ड बनाने के बाद अब नगर निगम और प्रशासन इन पौधों के संरक्षण के लिए हाई-टेक मॉडल अपना रहा है। एक तरफ जहाँ पौधों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इस वन को लेकर भ्रामक खबरें फैलाने के आरोप में कानूनी चाबुक भी चला है। यूट्यूबर समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 

महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने डोमरी क्षेत्र का सघन निरीक्षण के दौरान निर्णय लिया गया कि रोपे गए ढाई लाख पौधों की निगरानी के लिए पूरे वन क्षेत्र में 25 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और दो ड्रोन कैमरों से नियमित मॉनिटरिंग होगी। विशेष बात यह है कि पौधों की सिंचाई और दवाओं का छिड़काव 'ड्रोन दीदी' के माध्यम से आधुनिक तकनीक से कराया जाएगा। इसके अलावा, सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए वन क्षेत्र में पुलिस की विशेष ड्यूटी भी लगा दी गई है। 

महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरे क्षेत्र में हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएं ताकि रात में भी निगरानी संभव हो। सिंचाई व्यवस्था के लिए 20 नए पंप भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नीलगायों का हमला और सुरक्षा की चुनौती

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि बैरिकेडिंग के अभाव में आवारा मवेशी और नीलगाय वन क्षेत्र में घुस रहे हैं। मंगलवार को एक नीलगाय के घुसने से कुछ पौधों को नुकसान भी पहुंचा है। इसे देखते हुए महापौर ने तत्काल प्रभाव से फेंसिंग और सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए हैं ताकि मवेशियों के प्रवेश को पूरी तरह रोका जा सके। विश्व रिकॉर्ड की छवि धूमिल करने की कोशिशों को नगर निगम ने गंभीरता से लिया है। उद्यान विभाग के सुपरवाइजर विनोद साहनी की तहरीर पर एक यूट्यूब चैनल और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने मौके पर जाकर बिना किसी तकनीकी जानकारी या सक्षम अधिकारी की पुष्टि के, भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए। तहरीर में कहा गया है कि जहाँ एक तरफ पूरी दुनिया काशी के इस गौरवमयी रिकॉर्ड की सराहना कर रही है, वहीं कुछ अराजक तत्व दुर्भावनावश सरकारी कार्य में बाधा डाल रहे हैं। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि पौधों के रखरखाव की नियमित कार्ययोजना लागू है, और बिना तथ्यों के दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।