Kashi ka News. वर्तमान एलपीजी संकट पर मोदी सरकार की नीतियां जिम्मेदार-राघवेन्द्र चौबे

 वर्तमान एलपीजी संकट पर मोदी सरकार की नीतियां जिम्मेदार- राघवेन्द्र चौबे

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि एलपीजी संकट से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। इसका असर गरीब और कमजोर तबकों, मध्यवर्ग, आम घरों, रेस्टोरेंट, होटल कारोबारियों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरतों का करीब करीब 60% इंपोर्ट करता है। इसमें भी 90% इम्पोर्ट्स स्ट्रेट ऑफ होर्मूज के रास्ते होता है। इस लिहाज से मौजूदा हालात घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। 

देश के करीब हर हिस्सों में इसका असर पड़ रहा है। घरों में लोग परेशान हैं। छोटे-छोटे ढाबे वाले, रेस्टोरेंट, हॉस्टल्स सब पर असर है। लोगो के रसोई से लेकर राम रसोई व काशी में प्राचीन माँ अन्नपूर्णा मंदिर की रसोई तक बंद है। घर ही नही दूसरे दुकानदारों को एलपीजी सिलेंडर मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। ये चिंता की बात है कि कुछ ऊंचे दामों पर ₹5,000 प्रति सिलेंडर से अधिक कीमत पर खरीद रहे हैं। हमारे मंत्री समेत कई जिम्मेदार लोगों ने दावा किया कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है, अफवाहों से सावधान रहने की बात कही। लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित करती है। 

देश में सिलेंडर बुकिंग का समय भी बढ़ा दिया गया, जिसमें शहरों में 25 दिन और गांवों में 45 दिन हो गया। इस कारण घबराहट मे बुकिंग शुरू हो गई और जमाखोरी की संभावना बढ़ गई है।जबकि सरकार को पता था कि देश में गैस का संकट बढ़ेगा तो सरकार ने कड़े कदम क्यों नहीं उठाए, लोगों को विश्वास में क्यों नहीं लिया। यह संकट सरकार के दयनीय मैनेजमेंट और खराब विदेश नीति की पोल खोलता है। मेरी माँग है कि सरकार इस विषय में तत्काल कड़े कदम उठाए और जनता समेत सभी छोटे व्यापारियों को किफायती दामों पर सिलेंडर उपलब्ध कराए।