राम से बड़ा राम का नाम- व्यास भास्कर शास्त्री
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। पहड़िया स्थित गौतम बुद्ध कालोनी में उन्नीसवे विराट मानस सम्मेलन के तृतीय दिवस पोथी पूजन, पादुका पूजन एवं व्यास पूजन के उपरांत पहले वक्ता के रूप में भास्कर शास्त्री ने श्रीराम जन्म के प्रसंग से कथा का प्रारंभ करते हुए कहा कि राम से बड़ा राम का नाम है एवं श्रीराम के अवतरण से पहले भी राम नाम जगत में व्याप्त था।
भगवान राम ने तो कुछ को ही तारा लेकिन राम नाम तो अनादि काल से सम्पूर्ण चराचर जगत का कल्याण कर रहा है। इस कलिकाल में नाम जप कल्याण का सबसे सरल एवं प्रभावशाली माध्यम है तथा जीवन के सभी कार्यों को करते हुए इसे आसानी से किया जा सकता है बस थोड़े अभ्यास की जरूरत होती है।
दूसरे वक्ता श्रीकांत पाठक ने अहिल्या तारण, धनुष यज्ञ एवं श्रीराम विवाह की अद्भुत कथा का बहुत ही रोचक एवं मार्मिक वर्णन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। चतुर्थ दिवस से मानस सम्मेलन में कथा व्यास मानस मधुर भैया पाठक एवं प्रभाकर त्रिपाठी के द्वारा व्यासपीठ से कथा का वाचन किया जाएगा। पूजन संतोष पांडेय तथा व्यास का माल्यार्पण अनुपम दूबे हीरागुरू, राजेश सिंह, जयप्रकाश मिश्र एवं अनिल सिंह व संचालन क्षत्रधारी सिंह द्वारा किया गया।


