Kashi ka News. नगर निगम वितरण करेगा भवन स्वामीयों मे चार कलर के डस्टबिन।

 नगर निगम वितरण करेगा भवन स्वामीयों मे चार कलर के डस्टबिन।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। वाराणसी नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर को टॉप-5 में लाने के उद्देश्य से अब निगम ने कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में नगर निगम ने शहर के सभी 100 वार्डों में चयनित भवन स्वामियों को चार अलग-अलग रंगों के डस्टबिन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, ताकि घर से ही कचरे का पृथक्कीकरण सुनिश्चित किया जा सके।

नगर निगम की इस योजना के तहत पहले चरण में प्रत्येक वार्ड के लगभग 30 प्रतिशत भवन स्वामियों को चार प्रकार के डस्टबिन दिए जाएंगे। इन डस्टबिनों के माध्यम से नागरिकों को यह समझाया जाएगा कि किस प्रकार का कचरा किस डस्टबिन में डालना है। इसका उद्देश्य यह है कि कचरा घर से ही अलग-अलग श्रेणियों में एकत्रित हो और उसके निस्तारण की प्रक्रिया भी उसी अनुसार आसानी से की जा सके। नगर निगम का मानना है कि यदि कचरे का सही ढंग से पृथक्कीकरण स्रोत पर ही शुरू हो जाए तो शहर की स्वच्छता व्यवस्था को काफी मजबूती मिल सकती है।

इस संबंध में अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने नगर निगम के संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर कहा गया है कि इस अभियान को पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए जन सहभागिता बेहद जरूरी है।नगर निगम की योजना के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ यानी घर से ही कचरे के पृथक्कीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से घरों के बाहर जागरूकता से जुड़े स्टिकर भी लगाए जा रहे हैं। इन स्टिकरों के माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि गीला, सूखा और अन्य हानिकारक कचरे को अलग-अलग रखना क्यों आवश्यक है। अपर नगर आयुक्त सविता यादव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को प्रत्येक वार्ड में चार रंगों के कूड़ेदान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान के पहले चरण में ऐसे भवन स्वामियों को प्राथमिकता दी जा रही है जो पहले से ही कूड़ा पृथक्कीकरण का पालन कर रहे हैं या इसके लिए तैयार हैं। इन नागरिकों को मॉडल के रूप में डस्टबिन और जागरूकता स्टिकर दिए जा रहे हैं, ताकि उनके प्रयासों से अन्य लोग भी प्रेरित होकर इस अभियान में भागीदारी करें।