स्वामी विवेकानंद प्रवास स्थल समिति व भाविप ने बलिदान दिवस मनाया।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। स्वामी विवेकानंद प्रवास स्थल समिति एवं भारत विकास परिषद् काशी प्रदेश प्रान्त उत्तर मध्य क्षेत्र द्वितीय के नीलकण्ठ शाखा ने अमर बलिदानी राजगुरु, सुखदेव व सरदार भगत सिंह के बलिदान दिवस के अवसर पर अर्दली बाजार क्षेत्र में गोपाल लाल विला परिसर (स्वामी विवेकानंद प्रवास स्थल) में राजकीय जिला पुस्तकालय के अध्ययनरत छात्रों व कम्पोजिट विद्यालय के बच्चों में फल व लेखन सामग्री का वितरण किया ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एसीपी (कानून व्यवस्था) शिव हरि मीणा, सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश गौतम, सुरेन्द्र पाण्डेय, अधिवक्ता विनोद पाण्डेय ‘भईया जी’ द्वारा माँ भारती के वीर सपूतों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन कर राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम् से हुआ। तत्पश्चात शाखाध्यक्ष ने जिला पुस्तकालय प्रशासन व मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत किया ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने किया। कार्यक्रम के संयोजक विनोद पाण्डेय “भईया जी” व रवि प्रकाश बरनवाल रहें। मुख्य अतिथि ने बच्चों को बताया कि सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु भारत के महानतम क्रान्तिकारी स्वतंत्रता सेनानी थें, जिन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा 23 मार्च 1931 को लाहौर जेल में फाँसी दी गई थी। अंग्रेजों द्वारा साइमन कमीशन जैसे काले कानून को भारतीयों पर थोपे जाने के विरोध में लाला लाजपत राय जी के द्वारा किए गए विरोध के कारण उनपर लाठियों से प्रहार कर हुए मौत का बदला लेने के लिए पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स को मारने के कारण इन्हें यह फांसी की सजा मिली थी । आज इन्हीं की याद में ‘बलिदान दिवस’ मनाया जा रहा है। अधिवक्ता विनोद पाण्डेय भईया जी ने कहा कि आप तीनों क्रान्तिकारी को तिकड़ी के नाम से भी जाना जाता है। अध्यक्ष ने कहा कि आप तीनों को 24 मार्च के बजाय 23 मार्च 1931 को एक दिन पहले ही फांसी दे दी गई और फिरोजपुर के हुसैनीवाला में अंतिम संस्कार किया गया. इनकी शहादत ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी और आज भी ये युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।पुस्तकालयाध्यक्ष कंचन परिहार से सभी का आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में अंजनी सिंह, अधिक्ता राजेश, संरक्षक प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, शाखाध्यक्ष कमल कुमार सिंह, सचिव संजीव श्रीवास्तव, रवि प्रकाश बरनवाल, दीपक पुजारी, राजीव गुप्ता, संजय सेठ “बाबा”, पुस्तकालय के कर्मचारीगण, अपनाघर आश्रम की महिला अध्यक्षा पूजा श्रीवास्तव व बच्चे उपस्थित रहें।


