Kashi ka News. निशा विश्वकर्मा के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
निशा विश्वकर्मा के परिजनों से मिलने जा रहे कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी/ गाजीपुर के करंडा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कटरिया में हुए निशा विश्वकर्मा हत्या कांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य घटना के बाद पीड़ित परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करने तथा न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए कांग्रेस पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आज गाजीपुर जाने वाला था, जिसमें ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जयहिंद, अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र गौतम, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू , राज्यसभा सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध, राष्ट्रीय सचिव जिंतेंद्र बघेल, राष्ट्रीय सचिव श्रीमती सुभाषिनी यादव सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे इन नेतागणों को बाबतपुर हवाई अड्डे के अंदर रोककर गिरफ्तार किया गया है।
वही बाबतपुर एयरपोर्ट के पास से महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे , जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष ओबीसी प्रकोष्ठ मनोज यादव को एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर बड़ागांव थाने लाया गया। कल रात से ही पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस नेताओं को आवासों पर नजरबंद किया गया, रास्तों में रोका गया और बाबतपुर एयरपोर्ट पर भारी पुलिस बल लगाकर नेताओं को गाजीपुर जाने से रोक दिया गया। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आखिर भाजपा सरकार इतनी भयभीत क्यों है? क्या पीड़ित परिवार से मिलना अब अपराध हो गया है? क्या लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबा देना ही अब शासन का नया मॉडल है? यदि कोई जनप्रतिनिधि किसी पीड़ित परिवार का दुःख बांटना चाहता है तो उसे रोकना सरकार की संवेदनहीनता और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के सांसद हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के मुखिया हैं, लेकिन दोनों के शासन में उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। बेटियाँ असुरक्षित हैं, अपराधी बेलगाम हैं और जब विपक्ष न्याय की मांग करता है तो उसे पुलिस के दम पर दबाने की कोशिश की जाती है।
मोदी - योगी सरकार को यह समझना चाहिए कि पुलिसिया दमन से सच नहीं दबेगा। निशा विश्वकर्मा को न्याय दिलाने की मांग और पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की आवाज को रोका नहीं जा सकता। जनता सब देख रही है कि एक तरफ “बेटी बचाओ” के नारे लगाए जाते हैं और दूसरी तरफ बेटियों को न्याय मांगने वालों को रास्ते में रोक दिया जाता है। आज उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि दमनतंत्र चल रहा है। विपक्षी नेताओं को नजरबंद करना, यात्राएं रोकना, एयरपोर्ट पर घेराबंदी करना गिरफ्तारी करना और जनता की आवाज दबाना यह बताता है कि भाजपा सरकार नैतिक रूप से पूरी तरह विफल हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि चाहे जितनी बंदिशें लगा दी जाएं, पीड़ितों की लड़ाई जारी रहेगी। निशा विश्वकर्मा के परिवार को न्याय दिलाने, दोषियों को कड़ी सजा दिलाने और सरकार की तानाशाही के खिलाफ कांग्रेस सड़कों से सदन तक संघर्ष करेगी।मोदी-योगी सरकार जनता के आंसुओं पर राजनीति बंद करे, पुलिस का दुरुपयोग बंद करे और यदि थोड़ी भी संवेदनशीलता बची है तो पीड़ित परिवार को तत्काल न्याय दिलाए। गिरफ्तार होने वालों में उपरोक्त नेतावो के साथ फसाहत हुसैन, राजू राम, आशिष गुप्ता, सेतराम केशरी, शीतला पटेल, अविनाश राजभर, राम गणेश प्रजापति, परवेज खान, रोहित दुबे, राजू गौतम, लक्ष्मी नारायण यादव, राधेश्याम जायसवाल, सुरेंद्र, अविनाश समेत दर्जनों लोग शामिल रहे।


