अखिलेश में दम है तो गोरखपुर से लड़कर दिखाएं- स्मृति ईरानी
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। शुक्रवार को वाराणसी में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में आयी अमेठी की पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अखिलेश यादव में दम है तो पैतृक सीट या गढ़ छोड़कर कहीं से चुनाव जीत कर दिखा दें। बिना राहुल गांधी का नाम लिए उन्होंने कहा कि हमने 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष को उनके गढ़ में हरा कर दिखाया था। स्मृति ईरानी ने चुनौती देते हुए कहा कि सपा मुखिया गोरखपुर से जाकर चुनाव लड़कर दिखाएं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और डिप्टी सीएम ने महिला आरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की जमकर तारीफ की। वहीं, स्मृति ईरानी ने अखिलेश यादव की ओर से लोकसभा में की गई टिप्पणी पर पलटवार किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि परंपरागत सीट से चुनाव लड़ना बहुत आसान है। मुझ जैसी कामकाजी औरत ने किसी के गढ़ में जाकर परचम लहराया। कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष को हराया।
स्मृति ईरानी ने चुनौती भरे अंदाज में कहा कि अगर अखिलेश यादव इतना ही दमखम रखते हैं तो परंपरागत सीट छोड़कर गोरखपुर से लड़कर दिखाएं। कामकाजी महिला पर टिप्पणी करना आसान होता है। जो लोग कभी नौकरी नहीं किए हों, वह अधिक टिप्पणी करते हैं। इस बात कि मुझे खुशी है कि यूपी की राजनीति में विपक्ष में उनका रहना सुनिश्चित है। यूपी की जो राजनीति करता है वह अच्छी तरह से जानता है कि गांव-गांव, पात-पात जाने में इतना वक्त, परिश्रम लगता है। गंभीर नेता के पास सीरियल देखने का वक्त नहीं होता। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट रूप से कह रही हूं, पैतृक सीट से लड़कर जीत सकते हैं। धरोहर में राजनीति मिली है, वह ठहाके लगा सकते हैं। किसी के गढ़ में जाकर हराने का दम मुझे उनमें नहीं दिखता। स्मृति ईरानी ने कहा कि जहां तक की महिला आरक्षण विधेयक की बात है, अगर वे संसद में इस विधेयक के समर्थन में बात कहते तो बड़ा ही प्रोडक्टिव कंट्रीब्यूशन होता। उन्होंने कांग्रेस के विरोध पर भी सवाल उठाया। पूर्व सांसद ने कहा कि जब पार्टी ने महिला नेतृत्व दिया तो फिर इस आरक्षण के लिए इतना हल्ला क्यों? संवैधानिक व्यवस्था के तहत उन्होंने इसके समर्थन की अपील विपक्ष से की थी।


