ऋतुरंग सांस्कृतिक संध्या मे दिखा भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। नगर प्रसिद्ध सामाजिक संस्था शिव बारात समिति वाराणसी एवं उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सयुंक्त तत्वाधान मे रविवार को दुर्गाकुंड स्थित कबीर नगर, पार्क में ऋतुरंग सांस्कृतिक संध्या उत्सव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी, उद्योगपति समाजसेवी दीपक बजाज, पदमश्री पं शिवनाथ मिश्र अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहाँ ऋतुएँ केवल मौसम का परिवर्तन नहीं बल्कि जीवन के रंगों का उत्सव लेकर आती हैं। इन्हीं रंगों, भावनाओं और परंपराओं का जीवंत रूप है ऋतुरंग। यह एक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश की माटी की सोंधी खुशबू, किसानों की मेहनत, सपनों एवं उनकी खुशियों का उत्सव है।
संस्था के संस्थापक दिलीप सिंह ने बताया कि यह आयोजन किसानों को समर्पित था तथा पूरे स्थल को ग्रामीण परिवेश का निर्माण करवाया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अपनी संस्कृति अपनी परंपराओं को बनाए रखना और सभी को जोडना है। हर किसान एक कलाकार है और हर फसल एक नई आशा की कहानी करती है। सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा लोकगीत गायन एवं भांगड़ा, दिद्दा आदि डांस के तत्पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दर्जनों विशिष्ट लोगों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सीए गौरव अग्रवाल, कमल कुमार सिंह, देवव्रत मिश्र, राजू वर्मा, महेश चंद्र महेश्वरी, रचना अग्रवाल सहित हजारों गणमान्य लोग उपस्थित थे।


