Kashi ka News. भारत विकास परिषद ने वीर सावरकर को किया स्मरण।

 भारत विकास परिषद ने वीर सावरकर को किया स्मरण।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। भारत विकास परिषद् काशी प्रदेश प्रान्त उत्तर मध्य क्षेत्र-द्वितीय के नीलकण्ठ शाखा द्वारा महान क्रान्तिकारी, राष्ट्रवादी नेता, ओजस्वी वक्ता, स्वदेशी और समरसता के लिए आन्दोलन करने वाले स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर राव सावरकर के जयन्ती पर पर्यावरण संरक्षण हेतु आर्य समाज भोजूवीर मे यज्ञ के साथ मनाया। स्वागत शाखाध्यक्ष रवि प्रकाश बरनवाल ने किया। 

इस मौके पर प्रमोद आर्य ‘आर्षेय’ ने बताया कि अंग्रेजी सरकार ने जब दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई तो सावरकर ने हंसते हुए कहा चलो ईसाई सत्ता ने हिन्दू धर्म के पुनर्जन्म सिद्धान्त को मान तो लिया।

रवि प्रकाश बरनवाल ने कहा कि पूजा पद्धति पर सावरकर नास्तिक थें। वे गाय को मात्र एक उपोयोगी पशु कहतें थें, लेकिन हिन्दू राष्ट्रवाद व हिन्दुओं के उत्थान के लिए सदैव अग्रसर रहें। वह सामाजिक उत्थान एवं दलितों को मंदिरों में प्रवेश के प्रबल समर्थक रहें। चंद्रदीप आर्य ने बताया कि सावरकर 1909 में ब्रिटेन में वकालत की परीक्षा पास किया। प्रमाण पत्र से वंचित रहना स्वीकार किया किंतु ब्रिटेन के राजा के प्रति शपथ में वफादारी मंजूर नही था।