श्रीमद् भागवत कथा मे रुक्मणी श्रीकृष्ण विवाह महोत्सव सम्पन्न।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। श्री कृष्ण उत्सव सेवा समिति द्वारा आयोजित रामकटोरा स्थित कसेरा धर्मशाला चिंतामणी बाग में जगतगुरु पातालपुरी महन्त बालक देवाचार्य ने कथा के छठवें दिन कथा में बतलाया की श्रीकृष्ण वृन्दावन मेँ राक्षसों का संहार करते हुए गोकुल पहुंचे और महारानी के बारे मेँ बतलाया की महारानी को 100 वर्षो तक का श्राप मिला था कि तुम्हारा विवाह कृष्ण के साथ नही हो सकता। तत्पश्चात भगवान श्री कृष्ण -रुक्मणी विवाह कि लीला अति सुन्दर एवं भव्य रूप से सम्पन्न हुई।
कथा के छठवें दिन पंडाल के खचाखच भीड़ को देखने लायक थी कहीं पैर रखने कि जगह नही बचा था। जैसे जैसे कथा आगे बढ़ती जा रही थी लोगो का हुजूम बढ़ता जा रहा था। विवाह के अवसर पर संस्था के महामन्त्री विनोद कसेरा ने सभी आगंतुक सौभाग्यवती महिलाओं मेँ सिंगार- सौभाग्य पेटी का वितरण किया। आज संस्था के तरफ से भगवान के भक्तों को प्रभु प्रसाद स्वरुप अंगवस्त्र्म अध्यक्ष अशोक कसेरा ने प्रदान किया।
कथा के अन्त मे मुख्य यजमान संस्था के विनोद कसेरा, श्रीमती राजकुमारी एवं भईया लाल, श्रीमती रामकुमारी देवी ने एवं अध्यक्ष अशोक कसेरा सहित श्री हैहय वंशी क्षत्रिय कसेरा महासभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के द्वारा आरती किया गया। आज जय प्रकाश अन्ना, अरुण कसेरा, आकाश कसेरा, विक्की कसेरा, सोनू कसेरा, विजय भानु कसेरा, भरत कसेरा, पवन कसेरा ने अपनी किसी ना किसी रूप में सेवा प्रदान किया। प्रसाद सेवा माँ शीतला नवयुवक सेवा समिति एवं रंजीत कसेरा -पुरूषोतम कि तरफ से सेवा प्राप्त हुई वाले, मनोहर रामनगर वाले ने सभी पुरुष एवं महिलाओं को अंग वस्त्रम प्रदान किया। कथा में उद्घोषक समिति के आचार्य वेद प्रकाश मिश्र कलाधर गुरु ने अतिथियों का स्वागत किया।


