Kashi ka News. गली वाक के माध्यम से जनता से रूबरू हो रहे विधायक नीलकंठ।

 गली वाक के माध्यम से जनता से रूबरू हो रहे विधायक नीलकंठ।

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। गली वाक के अंतर्गत अक्सर स्थानीय विधायक या नेताओं द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्र की गलियों और संकरे रास्तों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया जाता रहा है किन्तु शहर दक्षिणी विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने इसे अपने दिनचर्या का एक अहम हिस्सा बना लिया है। प्रतिदिन प्रातः 15 से 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा के दौरान विधायक डॉ नीलकंठ स्थानीय लोगों से मिलकर उनका कुशलक्षेम लेते दिख जाते हैं। वह भी का हो, का हाल बा.. आदि ठेठ बनारसी बोली में लोगों से मिलना व उनकी बुनियादी समस्याओं को सुनना व उसका निवारण करना ये इनके लिए आम बात हो गयी है। 

ध्यातव्य है कि दक्षिणी विधानसभा सभा में कई ऐसे पक्के महाल है जहाँ से काशी के नामचीन अड़ी बाज भी हुए हैं या फिर पक्के बनारसी। सुबह सुबह जाने पर महादेव गुरु, गुरु पालागी आदि के सम्बोधन से जनता के बीच डॉ नीलकंठ अपनत्व को प्रस्तुत करते हुए घुलमिल जाते हैं। साथ ही बनारसी खान-पान यदि मिल जाय तो वहाँ बड़े- बुजुर्गों के साथ बैठकी भी कभी कभी हो जाती है। ये पुरानीये कई ऐसी बातों को बतालाते हैं जिससे एक जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों में उसे जोड़ लेता है। 

शहर दक्षिणी ऐसा निर्वाचन क्षेत्र है जहाँ गलियां आपको सोचने को मजबूर कर देती हैं। जैसे सुग्गा गली, चूहा गली, आदि। इन्हीं गलियों में नीलकंठ तिवारी पैदल ही भ्रमण करते हुए वहाँ की व्यवस्थाओं से रूबरू होते हैं। जहां पानी, बिजली, सीवर या पथ प्रकाश की दिक्कत मिलती है उसे अपने डायरी में नोट करते हुए उसका हल निकाल देते हैं। आज प्रधानमंत्री के अपील को भी आत्मसात करते हुए बड़े वाहन छोड़कर शहर की तंग गलियों में विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी मिल जाते हैं। जनता भी प्रसन्न रहती है।