लोकमाता जयंती पर पुरातत्व विभाग में प्रतिमा पूजन से कांग्रेसजनों को पुलिस ने रोका।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। परम शिवभक्त, लोककल्याणकारी एवं न्यायप्रिय शासक लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर आज मैदागिन स्थित राजीव भवन, कांग्रेस कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सहभागिता कर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कांग्रेसजन पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार रवींद्रपुरी गुरुधाम स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में सुरक्षित रखी गई लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन करने के लिए मैदागिन स्थित कांग्रेस कार्यालय से रवाना होने वाले थे। उक्त प्रतिमा मणिकर्णिका घाट के ध्वतीकरण के दौरान वहां से हटाकर पुरातत्व विभाग परिसर में रखी गई है।किन्तु कांग्रेसजनों के निकलने से पहले ही प्रशासन द्वारा कांग्रेस कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई तथा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। शांतिपूर्ण एवं श्रद्धा आधारित कार्यक्रम को प्रशासन द्वारा अनावश्यक रूप से बाधित किए जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कांग्रेसजनों ने वहीं लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा माल्यार्पण एवं पूजन-अर्चन के लिए लाई गई माला, पुष्प एवं पूजन सामग्री एसीपी कोतवाली को यह कहते हुए सौंप गया कि वे स्वयं या प्रशासन के किसी भी प्रतिनिधि द्वारा रवींद्रपुरी स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में जाकर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का पूजन-अर्चन एवं माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करें।
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारत की महानतम विभूतियों में से एक हैं। आज जिस प्रतिमा पर कांग्रेसजन श्रद्धांजलि अर्पित करने जा रहे थे, वह वही प्रतिमा है जिसे मणिकर्णिका घाट के ध्वतीकरण के दौरान वहां से हटाकर पुरातत्व विभाग परिसर में रखा गया है। हमारा उद्देश्य केवल उस प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोकमाता को नमन करना था, लेकिन प्रशासन ने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोकने का कार्य किया। दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक सांस्कृतिक और श्रद्धा से जुड़े कार्यक्रम को भी राजनीतिक दृष्टि से देखकर रोकने का प्रयास किया गया। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकना यह दर्शाता है कि सरकार और प्रशासन जनभावनाओं से कट चुके हैं तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सम्मान नहीं रखते।कांग्रेस पार्टी इस मानसिकता का विरोध करती है और प्रशासन से पूछना चाहती है कि आखिर एक शांतिपूर्ण पूजन से इतना भय क्यों था? कांग्रेस हमेशा महापुरुषों और महान विभूतियों के सम्मान की परंपरा को आगे बढ़ाती रही है और भविष्य में भी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य जारी रखेगी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रवीन प्रकाश, सतनाम सिंह, सुनील श्रीवास्तव, राजू राम, गिरीश पाण्डेय, वकील अंसारी, चंचल शर्मा, अशोक सिंह, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, राजेश त्रिपाठी, अखिलेश पाण्डेय, आशिष केशरी, राजेश प्रजापति, मिथुन सरकार, अफसर खान, सुशील पाण्डेय, आशुतोष, मो उज्जैर, विजय देवल, संतोष गुप्ता, बृजेश पाल, संतोष गुप्ता, रामजी गुप्ता, किशन यादव, सुनील कुमार, घनश्याम यादव, आयुष पटेल, रोहित मौर्य समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


