अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर संगोष्ठी का आयोजन।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के परमानंदपुर परिसर में सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ अपर्णा शुक्ला ने अपने वक्तव्य में कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की गौरवशाली परम्परा का प्रतीक हैं, अनेक आक्रमणों और विपत्तियों के बावजूद आज भी हमारे समक्ष दृढ़ता के साथ खड़ा हुआ है। ये मंदिर हमारे आत्म सम्मान, सांस्कृतिक विरासत और हमारी अटूट आस्था का प्रतीक है। आज की विषम परिस्थितियों में हम अपने अतीत को याद रखे और उससे सीख लें कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हो अपने आत्मबल और स्वाभिमान और को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
डॉ नंदिनी पटेल ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं है बल्कि भारत की सांस्कृतिक निरंतर का एक जीवंत प्रतीक है जो अनेक चोट खाकर भी यथावत खड़ा होकर हम सभी को सहनशीलता, विश्वास तथा आत्मसम्मान की रक्षा का संदेश दे रहा है। इसीलिए जब 1890 ई0 में स्वामी विवेकानंद ने इस मंदिर में दर्शन किया था तो उन्होंने इसे भारत की राष्ट्रीय जीवन धारा का प्रतीक बताया जो बार-बार नष्ट होकर भी पुनः जन्म लेती रही हो। धन्यवाद ज्ञापन मेनका सिंह ने किया और कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमें इस बात के लिए प्रेरित करता है कि हम अपने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में सहयोग करें। इस अवसर पर अनेक प्रवक्तागण तथा छात्राएं उपस्थित रही।


