कचहरी विस्थापन रोकने के लिए कांग्रेस नेता ने पीएम को लिखा पत्र।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। वाराणसी कचहरी को वर्तमान स्थान से अन्यत्र विस्थापित किए जाने की चर्चाओं एवं प्रस्तावों के विरोध में कांग्रेस महानगर अध्यक्ष एवं अधिवक्ता राघवेन्द्र चौबे ने वाराणसी सांसद, प्रधानमंत्री मोदी को विस्तृत पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
चौबे ने कहा कि वर्तमान समय मे कचहरी परिसर में स्थानाभाव की गंभीर समस्या के कारण अधिवक्ताओं, वादकारियों तथा न्यायिक कार्यों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या का समाधान कचहरी को शहर से दूर अन्यत्र विस्थापित करना नहीं, बल्कि वर्तमान परिसर का योजनाबद्ध विस्तार करना है। उन्होंने सुझाव दिया कि कचहरी विस्तार हेतु वर्तमान परिसर से सटे बनारस क्लब की भूमि को उपलब्ध कराया जाए, जो सबसे उपयुक्त, व्यावहारिक और जनहितकारी विकल्प सिद्ध होगा। बनारस क्लब को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जा सकता है, किंतु कचहरी को उसके मूल न्यायिक क्षेत्र से हटाना न्याय व्यवस्था और आम जनता, दोनों के हितों के विरुद्ध होगा। यदि इसे शहर से दूर स्थानांतरित किया गया तो गरीब, ग्रामीण, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, दिव्यांगजन और दूर-दराज़ से आने वाले वादकारी सबसे अधिक प्रभावित होंगे। इससे न्याय प्राप्ति महंगी, जटिल और आम जनता की पहुंच से दूर होती चली जाएगी। अधिवक्ता समाज एवं काशीवासियों की स्पष्ट भावना है कि कचहरी का “विस्तारीकरण” हो, “विस्थापन” नहीं।
उन्होंने कहा कि वाराणसी ने लगातार तीन बार स्थानीय नेतृत्व से ऊपर उठकर आपको अपना सांसद चुना है। ऐसे में काशी की जनता और अधिवक्ता समाज की भावनाओं की रक्षा करना उनकी नैतिक एवं लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है। राघवेन्द्र चौबे ने माँग/समर्थन पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उ0प्र0 सरकार, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी को भी प्रेषित करते हुए मांग की है कि अधिवक्ता समाज एवं आम जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाए तथा कचहरी विस्थापन के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए।


