डिजिटल जनगणना का आगाज: सबसे पहले महापौर ने दर्ज कराया अपना विवरण।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। काशी में देश की पहली डिजिटल जनगणना-2026 का शंखनाद गुरुवार को हो गया. अभियान के पहले दिन नगर के प्रथम नागरिक महापौर अशोक कुमार तिवारी ने सिगरा स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी मौजूद रही. विवरण दर्ज करने के बाद महापौर ने कहा कि डिजिटल जनगणना न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि देश के भविष्य और विकास योजनाओं को तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए स्व-गणना कर ली है। काशीवासियों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि वे भी आगे आएं और अपनी जानकारी पोर्टल पर साझा करें। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त संगम लाल, जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्र सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने महापौर को डिजिटल पोर्टल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस क्रम में पहले दिन कैंट विधानसभा के विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने शिवाजी नगर स्थित अपने आवास पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना और अपने परिवार का विवरण दर्ज कर 'स्व-गणना' की। इस दौरान नगर निगम के कर अधीक्षक जय कुमार मौजूद रहे। विधायक ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए जनता से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील की। दूसरी ओर कोतवाली जोन में भी जनगणना के प्रथम चरण (मकान गणना और नंबरिंग) का औपचारिक शुभारंभ हुआ। यहां इस कार्य की शुरुआत शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ शिव सुन्दर गांगुली (एक्जीक्यूटिव मेम्बर, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी व पूर्व डिप्टी चीफ वार्डेन, सिविल डिफेंस) के आवास संख्या के.65/48 से की गई। इस प्रक्रिया के दौरान सहायक चार्ज अधिकारी दिलशाद हिदायत और नगर निगम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार, न्यूमरेटर केशव कृष्ण कश्यप विशेष रूप से उपस्थित रहे।
जनगणना के इस पहले चरण में नागरिकों को यह विशेष सुविधा दी गई है कि वे 21 मई तक आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं। मोबाइल नंबर और नाम के माध्यम से ओटीपी सत्यापन होने के बाद 33 महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने होंगे। फॉर्म सबमिट होते ही एक 11 अंकों की एसई आईडी जेनरेट होगी। नगर निगम प्रशासन के अनुसार, जो परिवार खुद विवरण भरेंगे, उन्हें 22 मई से घर-घर आने वाले प्रगणकों को केवल यह आईडी दिखानी होगी. इससे उन्हें दोबारा लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। वाराणसी में जनगणना का यह पहला चरण (हाउसलिस्टिंग एवं हाउसिंग) जून तक चलेगा, इसके बाद वर्ष 2027 के प्रारंभ में दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें जनसंख्या व जातिगत आंकड़े जुटाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर साझा की गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय हैं, प्रक्रिया के दौरान किसी भी नागरिक से बैंक विवरण या व्यक्तिगत दस्तावेज नहीं मांगे जा रहे हैं, नगर निगम ने जनता को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान भी तेज कर दिया है। महापौर अशोक तिवारी ने कहा "काशी को स्मार्ट और विकसित बनाने के लिए हर नागरिक का विवरण महत्वपूर्ण है। डिजिटल माध्यम से जनगणना की यह पहल सुरक्षा और सुगमता का संगम है। सभी शहर वासी राष्ट्रीय अभियान में अपना सहयोग दे।


