Kashi ka News. विद्यार्थियों को मिलेगा संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार-प्रो विधु द्विवेदी
विद्यार्थियों को मिलेगा संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार- प्रो विधु द्विवेदी
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। भारतीय ज्ञान परम्परा को आधुनिक कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र में शैक्षणिक सत्र 2026 हेतु ज्योतिष कर्मकाण्ड एवं वास्तुशास्त्र (आन्तरिक सज्जा) के डिप्लोमा, बी.वोक. एवं एम.वोक. पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है। इन पाठ्यक्रमों के लिए प्रति सेमेस्टर ₹8500 शुल्क निर्धारित किया गया है। कौशल केन्द्र द्वारा संचालित ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान-विज्ञान, सांस्कृतिक परम्पराओं तथा आधुनिक व्यावसायिक दक्षताओं के समन्वित अध्ययन का अवसर प्रदान करते हैं। ज्योतिष एवं कर्मकाण्ड का अध्ययन जहां वैदिक परम्परा, धार्मिक अनुष्ठानों तथा सांस्कृतिक मूल्यों को व्यवहारिक रूप में समझने का माध्यम बनता है, वहीं वास्तुशास्त्र एवं आन्तरिक सज्जा का प्रशिक्षण विद्यार्थियों में सृजनात्मकता, भवन नियोजन, डिज़ाइनिंग तथा स्वरोजगार संबंधी व्यावहारिक कौशलों का विकास करता है।
दीन दयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र के निदेशक प्रो विधु द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, जो ज्ञान, संस्कृति और कौशल का संतुलित समन्वय स्थापित कर सके। उन्होंने कहा कि भारतीय परम्परागत विद्याएं केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी समान रूप से उपयोगी एवं प्रासंगिक हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं ज्ञान परम्परा से जुड़ते हुए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नवीन अवसर प्राप्त कर सकेंगे।
उन्होंने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से इन रोजगारोन्मुख एवं कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेकर अपने भविष्य को सशक्त बनाने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दीन दयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र भारतीय ज्ञान परम्परा और आधुनिक कौशल विकास के मध्य एक प्रभावी सेतु के रूप में निरन्तर कार्य करता रहेगा तथा युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए तैयार करेगा। प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय परिसर स्थित दीन दयाल उपाध्याय कौशल केन्द्र से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह संस्करण समाचार-पत्रों, वेब पोर्टलों एवं विश्वविद्यालय की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के लिए अधिक उपयुक्त और प्रभावशाली रहेगा।


