जानलेवा हमले में बीएचयू छात्र नेता को मिली जमानत।
रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना
वाराणसी। मामूली विवाद को लेकर युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में आरोपित बीएचयू छात्र नेता को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। जिला संजीव शुक्ला की अदालत ने मूलरूप से गाजीपुर और वर्तमान में नगवां, लंका पर किराए पर रहने वाले आरोपित छात्र नेता विकास यादव को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, डीएन यादव, नरेश यादव व धनंजय कुमार ने पक्ष रखा।अभियोजन पक्ष के अनुसार साकेत नगर, संकट मोचन, लंका निवासी वादी मुकदमा चन्द्रशेखर सिंहने लंका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 22 मई 2026 को समय लगभग 8.45 सांय को नरीया के पास अंकित पाल, बिट्टू बाबू, विकास यादव व उनके साथ आए कुछ 10-12 अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की नियत से उसके बड़े भाई चंद्रमा सिंह पर बैट से सर पर हमला किया गया।
हमले से उसका भाई मौके पर ही बेहोश होकर गिर गया एवं सर पर गंभीर चोट आई, जिससे सर फट गया और खून निकलने लगा। जब वहां पर लड़ाई झगड़ा होते हुए देखकर भीड इकठ्ठा होने लगी तो सभी हमलावर गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देते हूए वहां से भाग गए। आनन फानन में आसपास के लोगों की मदद से वह अपने भाई को ट्रामा सेन्टर इलाज के लिए ले जाकर भर्ती कराया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले में पुलिस ने आरोपित बीएचयू छात्र नेता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जिसके बाद उसने अपने अधिवक्ताओं के जरिए अदालत में जमानत के लिए अर्जी दी।


