Kashi ka News. योग भारतीय संस्कृति की आत्मा और समत्वपूर्ण जीवन का आधार है-कुलपति

 योग भारतीय संस्कृति की आत्मा और समत्वपूर्ण जीवन का आधार है- कुलपति

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। 12 वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 19 जून से संचालित योग महोत्सव के अंतर्गत आज दूसरे दिन विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक एवं भव्य मुख्य भवन में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार एवं मंगलाचरण के साथ प्रारम्भ हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों, शिक्षकों तथा नगर के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। योग विज्ञान केंद्र के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ दुर्गेश पाठक ने किया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक डॉ राजकुमार मिश्र एवं आदित्य कुमार ने प्रतिभागियों को सूर्य नमस्कार, विभिन्न योगासन, प्राणायाम, ध्यान एवं स्वास्थ्यवर्धक योग मुद्राओं का अभ्यास कराया। योग और विज्ञान के समन्वित स्वरूप पर भी प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मानुशासन, आत्मशुद्धि और आत्मबोध की दिव्य साधना है। उन्होंने पतंजलि योगसूत्र के सूत्र “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” का उल्लेख करते हुए कहा कि योग मनुष्य को मानसिक विक्षेपों से मुक्त कर आंतरिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने भगवद्गीता के “समत्वं योग उच्यते” सिद्धांत का स्मरण कराते हुए कहा कि योग जीवन में संतुलन, संयम और समरसता स्थापित करने का सर्वोत्तम माध्यम है। वर्तमान तनावपूर्ण जीवन में योग स्वस्थ शरीर, निर्मल मन और सशक्त व्यक्तित्व के निर्माण का आधार बन सकता है। उन्होंने युवाओं से योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ दुर्गेश पाठक ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत एवं आभार ज्ञापित किया। योगमय वातावरण में सम्पन्न यह आयोजन भारतीय ज्ञान परम्परा, सांस्कृतिक चेतना और स्वस्थ जीवन-दृष्टि के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

कार्यक्रम के प्रारम्भ वाराणसी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए जीवन में योग को करते रहने का संकल्प लेकर शपथ दिलाया गया। इस महोत्सव में विश्वविद्यालय परिवार के सम्बद्ध महाविद्यालयों परिवार के सदस्यों ने सहभाग किया।