Kashi ka News. काशी की आध्यात्मिकता बचाने हेतु मांस, मछली की तरह शराब भी हो बंद-राघवेन्द्र चौबे

 काशी की आध्यात्मिकता बचाने हेतु मांस, मछली की तरह शराब भी हो बंद- राघवेन्द्र चौबे

रिपोर्ट: आनंद सिंह अन्ना 

वाराणसी। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि तीर्थ स्थल काशी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने हेतू शराब की बिक्री व कम्पोजिट दुकानें तत्काल बंद हों। नगर निगम द्वारा शहर मे मांस, मछली व मीट की बिक्री को प्रतिबंधित के निर्णय के अनुरूप शराब बिक्री भी बंद होनी चाहिए क्योंकि काशी विश्व की प्राचीनतम जीवित सभ्यता और तीर्थो का केंद्र होने से करोड़ों श्रद्धालु व पर्यटक बाबा विश्वनाथ, माँ गंगा के पूजन, मोक्ष कामना के लिए आते हैं। 

प्रदेश सरकार की कम्पोजिट शराब दुकानों के व्यवस्था लागू से काशीवासियों, संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं की भावनाओं के विपरीत है। काशी क्षेत्र में संचालित सभी कम्पोजिट शराब दुकानों व सभी प्रकार की देशी-विदेशी शराब की दुकानें बंद कर बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि माँ गंगा में संचालित होने वाले क्रूज मे अनैतिक गतिविधियाँ देखने को मिलती है। मनोरंजन के नाम पर धार्मिक मर्यादाओं के विपरीत गतिविधियों को भी तत्काल बंद किया जाना चाहिए। काशी और माँ गंगा के पावन तटों को मदिरा संस्कृति का केंद्र बनाना, काशी की मूल आत्मा के विरुद्ध है।